फर्जी फाइनेंस कंपनी के डायरेक्टरों ने की 95 लाख की ठगी

जासं, एटा: कोतवाली नगर क्षेत्र में संचालित फर्जी फाइनेंस कंपनी ने निवेशकों से 95 लाख की ठगी कर ली। कंपनी के डायरेक्टरों ने निर्धारित समय में दो गुनी रकम देने और बदले में उस पैसे को प्लाट व जमीन में निवेश करने का आश्वासन दिया था। एजेंट ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच डायरेक्टरों के विरुद्ध अदालत के आदेश पर ठगी का मामला दर्ज कराया है। मैनपुरी जनपद के कुरावली कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला कानूनगोयान निवासी सर्वेशचंद्र सक्सेना ने अदालत को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि अमरोहा जनपद के अहमद नगर निवासी संजीव कुमार से एक जून 2014 को उसकी मुलाकात एटा में आगरा रोड स्थित पचौरी मार्केट स्थित कार्यालय पर हुई थी। संबंधित व्यक्ति ने उसे बताया कि उन लोगों ने एसजीबी इन्फ्राटेक एंड एग्रोलेंड लिमिटेड व एसजीबी म्यूचुआल बेनेफिट निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनियां खोल रखी हैं। इस दौरान उसे विश्वास दिलाया गया कि वह अभिकर्ता के रूप में लोगों की आरडी व एफडी के रूप में उनकी कंपनी में कार्य करना है तो वह उसे अच्छा वेतन दिलाएंगे। जिस पर उसने जान पहचान और रिश्तेदारों की 327 पालिसी फाइनेंस कंपनी में खुलवा दीं। कंपनी के संचालक का कहना था कि उनकी कंपनी रजिस्टर्ड है और बैंकिंग निवेश करने का भी अधिकार है। पीड़ित का कहना था कि कंपनी में परिचित व रिश्तेदारों का उसने 95 लाख रुपया जमा करा दिया। इसके बाद 16 फरवरी 2019 को कंपनी के डायरेक्टर संजीव कुमार, उसकी बहन सोनिका, राजेंद्र सिंह, हसनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बाइखेड़ा निवासी राजपाल सिंह, संभल जनपद के असमौली थाना क्षेत्र के ग्राम गुलाबपुर ढकिया निवासी पंचम सागर, अमरोहा जनपद के हसनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बाईखेड़ा निवासी राजपाल सिंह तथा अहमद नगर निवासी कार्यालय बंद कर गायब हो गए। लाखों की रकम हड़पकर कंपनी के भागने के बाद उसने कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर भी दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तब उसने अदालत की शरण ली। कोतवाली नगर के इंस्पेक्टर रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि अदालत के आदेश पर रिपोर्ट संजीव कुमार समेत पांच के खिलाफ दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले की विवेचना की जा रही है। आठ माह पूर्व उसे दी थी धमकी --पीड़ित का कहना था कि फाइनेंस कंपनी भागने के बाद उन्होंने डायरेक्टरों की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। तभी जानकारी मिली कि 30 नवंबर 2021 को संजीव कुमार व पंचम सागर को एटा बस स्टैंड पर देखा गया है। वह कुछ साथियों को लेकर वहां पहुंच गया तो दोनों आरोपित मिल गए। इस दौरान उसने निवेश कराई गई रकम वापस करने को कहा तो उन्होंने पैसा देने से साफ इन्कार कर दिया। आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए सफेद रंग की कार में बैठकर आगरा की ओर भाग गए।

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