सजे बाजार, आया बहनों का त्योहार

जासं, एटा: भाई-बहन के प्रमुख प्रेम का पर्व रक्षाबंधन ज्यों-ज्यों नजदीक आता जा रहा है, त्यों-त्यों बाजार में रौनक बढ़ती जा रही है। जिले के नगरीय व कस्बाई क्षेत्रों में भी राखी की अस्थाई दुकानें सज गई हैं। वहीं घेवर और फैनी की बिक्री भी बढ़ गई है। बीते वर्ष की तुलना में राखियों पर महंगाई की मार है। इसके बावजूद राखी की बिक्री जोर-शोर से हो रही है। शहर में घंटाघर, जीटी रोड, रेलवे रोड, गांधी मार्केट, बाबूगंज, ठंडी सड़क आदि स्थानों पर राखी की अस्थाई दुकानें सज गई हैं। रंग-बिरंगी राखियां कस्बाई व नगरीय क्षेत्रों में भी दुकानें लगना शुरू हो गई हैं। फेरी वालों ने भी गली-गली घूमकर राखी बेचना शुरू कर दिया है। घेवर व फैनी की भी दुकानें सज गई हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार के लिए सजे बाजार बहनों को भी आकर्षित करने लगे हैं। इस साल कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की बंदिश न होने के कारण बहनों में और भी ज्यादा उत्साह है। चंदन, रुद्राक्ष और कलावा राखी की ज्यादा डिमांड ------- बाजार में स्टोन, जरकन और मेटल की राखी के अलावा कलावा के साथ रुद्राक्ष, चंदन व कई तरह की फैंसी राखी, भगवानों में गणेश और लक्ष्मी जी की राखी की डिमांड ज्यादा है। ब्रेसलेट राखियां भी पसंद की जा रही है। ये राखियां बाजार में 15-20 रुपये से लेकर 200-300 रुपये तक उपलब्ध है। विक्रेता मनोज का कहना था कि 20 फीसद तक राखियों पर महंगाई है। मध्यम स्तर की राखियों की अधिक खरीद की जा रही है। चांदी की राखियां भी भा रहीं --------- इस साल सर्राफा कारोबारियों ने भी बहनों के पर्व पर चांदी की राखियां विभिन्न डिजाइन में सजाई हैं। स्वास्तिक व ओम वाली राखियां बहनों को आकर्षित कर रही हैं। 500 से 2000 रुपये तक की राखी है। इसके अलावा महिलाएं अन्य आभूषण भी खरीद रही हैं। आनलाइन भी हो रही खरीददारी ------- बहनों के त्यौहार को लेकर विभिन्न कंपनियां आनलाइन खरीद के आफर दे रही है। राखियां आनलाइन आर्डर कर मंगाई जा रही है। भाई भी बहनों को उपहार देने के लिए बाजार और आनलाइन खरीद कर रहे हैं। मंगल बाजार भी त्यौहार से रंगा ------- मंगलवार को गांधी मार्केट में लगने वाला मंगल बाजार रक्षाबंधन के त्यौहार फिर रंग में रंगा नजर आया। बाजार में सस्ते कपड़ों के अलावा सस्ती राखियों की दुकान भी सजी थी। त्योहार की खरीदारी के लिए बाजार में खासी भीड़ नजर आई। शाम तक भीड़ की कपड़ों और राखियों की खरीद में दिलचस्पी से विक्रेताओं के चेहरे खिले दिखाई दिए।

Edited By: Jagran