जासं, एटा: कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने बच्चों पर बीमारियों का हमला तेज कर दिया है। ठंड की वजह से बच्चे वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, जकड़न, निमोनिया व डायरिया से पीड़ित होकर प्राइवेट चिकित्सक तथा अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि इस सप्ताह बच्चों में बीमारी बढ़ने का 30 से 35 फीसद इजाफा हुआ है।

कड़ाके की ठंड से बीमार हो रहे बच्चों में शून्य से 14 साल के बच्चों की संख्या अधिक हैं। डाक्टर बच्चों को दवाई तो दे ही रहे हैं, इसके साथ-साथ उनके अभिभावकों को उन्हें ठंड से बचाने की सलाह भी दे रहे हैं। कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से सभी आयु वर्ग के लोग बीमार हो रहे हैं, लेकिन इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डाक्टरों की मानें तो सर्दी के मौसम में बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। इससे ठंड का बच्चों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। मेडिकल कालेज की बात करें तो यहां बाल रोगियों की संख्या 30 फीसद तक बढ़ी है।

बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसपी राठौर कहते हैं ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य दिनों की अपेक्षा कम हो जाती है, जिससे जरासी भी चूक होने पर बच्चे बीमार हो जाते हैं। हल्का बुखार होने पर पैरासिटामाल और उल्टी-दस्त की शिकायत पर ओआरएस का घोल दें। फायदा न हो तो बिना देर किए डाक्टर की सलाह लें। बच्चों के लिए बरतें सावधानियां

- नहलाने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।

- ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़े पहनाएं।

- मालिश के लिए गर्म तेल का प्रयोग करें।

- थोड़ी देर धूप में रखें।

- ठंडी चीजें खाने को न दें।

- कोशिश रहे की बच्चों का कान हमेशा ढका रहे।

- सफाई का ध्यान रखें। धूल और गंदगी से दूर रखें।

Edited By: Jagran