जासं, एटा: गांव की सफाई की जिम्मेदारी सफाईकर्मियों की है, लेकिन ये साहब की चाकरी कर रहे हैं। झाड़ू वाले हाथों में चकला-बेलन और गाड़ियों की स्टेयरिग है। इसका खामियाजा साहब को नहीं गांव की जनता को भुगतना पड़ा रहा है। गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों के पानी सड़कों पर है। बावजूद इसके इनकी उपस्थिति पूरी तरह दर्शायी जा रही है। वेतन अफसरों की संस्तुति के बाद ही मिल रहा है।

ग्राम पंचायत में तैनात कई सफाई कर्मचारियों ने पहुंच के बूते पर अधिकारियों से कार्यालय एवं आवास पर ड्यूटी पा ली है। जिले में सौ से अधिक सफाई कर्मचारियों में से अधिकांश रसोइया या फिर कार्यालय में पानी पिलाने से लेकर गाड़ी चलाने तक का काम कर रहे हैं, जबकि ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारियों का टोटा है। सफाई कर्मचारियों से सुविधाएं लेने वाले अधिकारियों में कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन और ब्लाकस्तरीय अधिकारी शामिल हैं। खास बात तो यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ही आदेश दिया था कि सभी सफाई कर्मचारियों को कार्यालय और आवास से हटाकर पंचायतों में भेजा जाए। इसके बाद भी सफाई कर्मचारियों को उनकी मूल तैनाती के स्थान पर नहीं भेज रहे। ये हैं कलक्ट्रेट में तैनात

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अविनाश चन्द्र, विक्रम अटल, दुर्वेश चन्द्र, अशरफ अली, मलिखान सिंह, विनय कुमार, विजय पाल, मानवेन्द्र, उमेश, ओमवीर, कप्तान सिंह सभी लोग कलक्ट्रेट परिसर में ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि इन सभी की मूल तैनाती शीतलपुर ब्लाक में हैं। कलक्ट्रेट में तैनात अधिकारियों के कार्य करने की पैरोल पर सभी को वेतन भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा विकास भवन, तहसील, विकास खंड कार्यालयों पर भी सफाई कर्मचारी सफाई छोड़कर दूसरे काम कर रहे हैं। इनकी तैनाती भी ग्राम पंचायतों में है। अधिकारी की चला रहे गाड़ी:

कार्यालय में पानी पिलाने, आवास पर खाना बनाने के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों से वाहन चालक का भी काम कराया जा रहा है। एसडीएम स्तर के अधिकारी की गाड़ी एक सफाई कर्मचारी चला रहा है, जबकि उसकी तैनाती कागजों में ग्राम पंचायत में है। विकास खंडवार खाली ग्राम पंचायतें

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08-शीतलपुर

08-जैथरा

09-अवागढ़

03-मारहरा

05-निधौलीकलां

11-सकीट

35-अलीगंज

08-जलेसर ---------------

जिन सफाई कर्मचारियों की तैनाती ग्राम पंचायतों में है और वे अधिकारियों के यहां दूसरे काम कर रहे हैं, उनकी सूची डीपीआरओ दफ्तर से मांगी जाएगी। इसके बाद जिस सफाईकर्मी की जहां भी तैनाती है उसे वहां भेजा जाएगा। कोर्ट के आदेश का पूर्णत: पालन किया जाएगा।

- डा. अवधेश कुमार वाजपेयी, मुख्य विकास अधिकारी, एटा

Edited By: Jagran