जासं, एटा: पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले शिक्षकों को लेकर प्रदेश भर में हुए हो-हल्ले तथा शिक्षक संगठनों द्वारा मामले को तूल देने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है। शासन के निर्देश मिलते ही अब विभाग कोरोना से मृत शिक्षकों का ब्यौरा जुटाने में लगा है। सभी ब्लाकों से ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची तैयार कराई जा रही है, जिनकी मौत कोरोना से हुई है।

जिले में 19 अप्रैल को पंचायत चुनाव के लिए मतदान हुआ, उस समय कोरोना संक्रमण पीक पर था और शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थिति यह हुई कि चुनाव कराकर लौटने के बाद दर्जनों शिक्षक संक्रमित हुए और उनकी मौत होने का सिलसिला भी नजर आया। इसी तरह के मामले प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी आए। काफी दिनों बाद अब शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मृत शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है। निर्देश मिलने के बाद बीएसए संजय सिंह ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को तत्काल मृत शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा अन्य कर्मियों की सूची मांगी है। उधर, खंड शिक्षाधिकारियों ने भी इस संबंध में जानकारियां जुटाना शुरू किया है। शिक्षक संगठन ने दी 16 शिक्षकों की सूची:

कोरोना से मृत शिक्षक-शिक्षिकाओं को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग जिले में भी शिक्षक संगठनों ने मुखर की है। प्राथमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के जिलाध्यक्ष लोकपाल सिंह तथा जिलामंत्री वीरपाल सिंह ने 16 मृत शिक्षकों की सूची प्रशासन तथा विभाग को सौंपते हुए सभी के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा तथा जल्द नौकरी की मांग उठाई है। उधर, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने भी चार शिक्षकों के कोरोना से मरने की सूचना दी है।