नवरात्र में 'अविका' की वापसी, हाई कोर्ट ने बदला फैसला; एटा में नाना-नानी की जीत
नाना-नानी ने अपनी पोती अविका द्विवेदी की कस्टडी के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें हाईकोर्ट ने पहले पिता को ...और पढ़ें

एटा में अविका का घर पर स्वागत करते नानी-नाना।
जागरण संवाददाता, एटा। जन्म देते ही मां का बेटी के सिर से साया उठ गया। उस समय पिता ने भी पालन पोषण से मुंह फेर लिया। नाना- नानी और मामा मामी ने उस बिटिया को एटा घर लाकर मां बाप की कमी का अहसास न होने दिया। लाड प्यार के बीच बेटी ननिहाल में आठ साल की हो गई। तब पिता ने हाई कोर्ट में याचिका डालकर बेटी को ननिहाल से छीन लिया।
नाना ने हाई कोर्ट में लड़ाई लड़ी और बिटिया को फिर से 83 दिन बाद हुए आदेश के अनुरूप प्राप्त कर लिया। बिटिया फिर से ननिहाल पहुंची तो मोहल्ले वालों ने जमकर स्वागत किया। मामला आठ साल की बेटी अविका द्विवेदी का है। वर्ष 2018 में जन्म के महज आठ दिन बाद अविका की मां का निधन हो गया था। इसके बाद महाराणा प्रताप नगर निवासी नाना अशोक कुमार मिश्रा एडवोकेट दामाद की रजामंदी से उसे घर ले आए।
21 अगस्त 2026 तक उसका पालन-पोषण एटा में अपने नाना-नानी और मामा-मामी के साथ हुआ। वह दून पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा थी और अपने ममेरे भाई अद्विक मिश्रा के साथ स्कूल आती-जाती थी। उधर अविका के पिता सौरभ राजस्थान के बिजली विभाग में कार्यरत हैं।
लंबे समय तक बच्ची की परवरिश से दूर रहने के बाद उन्होंने वर्ष 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि बच्ची को उनसे जबरन दूर रखा गया है, जबकि खुद दूसरी शादी कर ली। इस मामले में 21 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अविका को उसके पिता की अभिरक्षा में सौंपने का आदेश दिया था।
नहीं छोड़ी उम्मीद
इस आदेश के विरुद्ध नाना-नानी ने कानूनी लड़ाई जारी रखी और विशेष अपील दायर की। मुख्य न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले के विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई के बाद पूर्व निर्णय निरस्त कर दिया तथा बच्ची को उसके नाना-नानी और मामा-मामी की देखरेख में वापस सौंपने का आदेश पारित किया।
12 अक्टूबर के फैसले के बाद नाना-नानी और मामा-मामी अविका को राजस्थान से वापस एटा लेकर आए। घर वापसी पर परिवार और स्थानीय लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया। बच्ची के स्वागत में रैली निकाली गई और भावुक माहौल में उसे घर में प्रवेश कराया गया।
53 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अविका का फिर ननिहाल लौटना परिवार और मुहल्ले के लिए बड़ी राहत और खुशी का क्षण बन गया। अविका के लौटने पर नानी ज्योतिर्मयी मिश्रा एड, मामा आयुष मिश्रा, मामी स्वाति पांडे सहित मोहल्ला वासी भी अविका को पाकर भावुक दिखे।
