जासं, एटा: विधानसभा चुनाव को लेकर संघ परिवार ने भी कमर कस ली है। समन्वय बैठकों में तय किया गया है कि वोट फीसद बढ़ाने की रणनीति पर काम करें। जनपद की चारों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग बैठकें हुईं, जिनमें मौजूदा राजनीतिक हालातों पर भी मंथन किया गया। संघ के अनुसांघिक क्षेत्रों के पदाधिकारियों को रणनीति सफल बनाने के निर्देश दिए गए। उधर मकर संक्रांति पर्व पर शुक्रवार को 150 स्थानों पर खिचड़ी पकेगी।

कोविड के कारण संघ परिवार भी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। बैठकों और कार्यक्रमों का स्वरूप छोटा कर दिया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की अलग-अलग समन्वय बैठकें हुईं, जिनमें संघ परिवार के पदाधिकारियों ने भाग लिया। भाजपा की ओर से बैठकों में चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक अनुसांघिक संगठनों से कहा गया है कि वे माहौल बनाएं। सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि वोट फीसद अधिक से अधिक बढ़े। दरअसल, चुनावी इतिहास भी गवाह है कि जब वोट फीसद अधिक बढ़ता है तो भाजपा लाभ में रहती है। इस रणनीति पर चलते हुए संगठनों से कहा गया है कि वे अधिक से अधिक लोगों को वोट डलवाने के लिए प्रेरित करें। भाजपा नेताओं से कहा गया कि पन्ना प्रमुखों को सक्रिय रखें।

उधर इस बार मकर संक्रांति पर्व चुनावी बेला में आया है। संघ ने कोविड के कारण अपने खिचड़ी कार्यक्रमों का स्वरूप छोटा कर दिया है। इसलिए 150 स्थानों पर कार्यक्रम कराने की योजना बनाई गई है। इन कार्यक्रमों में संघ परिवार के लोग शामिल होंगे और एक बार फिर से उन्हें चुनावी तैयारियों की चर्चाएं करने का मौका मिलेगा। हालांकि मकर संक्रांति पर खिचड़ी कार्यक्रम संघ की परंपरा का हिस्सा हैं। संघ इस पर्व को उत्सव के रूप में मनाता है। संघ के जिला प्रचारक विशाल ने बताया कि समन्वय बैठकें, मकर संक्रांति पर्व के कार्यक्रम संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। मकर संक्रांति कार्यक्रम दो दिन तक होंगे।

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