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पशुपालकों के लिए आकर्षक योजना, प्रीमियम का केवल 15 प्रतिशत अंश देकर पशुओं का करा सकेंगे बीमा

By Anil Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 26 Aug 2026 08:05 PM (IST)

एटा में राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 20 अगस्त से पशुधन बीमा योजना शुरू हो गई है, जिसका लक्ष्य सितंबर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

जागरण संवाददाता, एटा। पशुपालकों को पशुओं की मृत्यु से होने वाली आर्थिक क्षति से सुरक्षा देने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू की गई है। जिले में 20 अगस्त से पशुओं का बीमाकरण शुरू कर दिया गया है। सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 50,625 पशुओं का बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना में स्वदेशी पशुओं के बीमाकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। पशुपालक को प्रीमियम का 15 प्रतिशत अंश देना होगा, जबकि 51 प्रतिशत केंद्र और 34 प्रतिशत राज्य सरकार का अंश होगा।

योजना का उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। बीमित पशु की मृत्यु होने पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद दावा राशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी। योजना में भूमिहीन, सीमांत और लघु किसान, बीपीएल, एससी-एसटी तथा महिला पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी

योजना के तहत दुधारू गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूकर, बैल, भैसा और भारवाहक पशुओं का बीमा कराया जा सकेगा। एक परिवार अधिकतम 10 बड़े पशु इकाई तथा छोटे पशुओं की निर्धारित संख्या का बीमा करा सकेगा। बीमा अवधि अधिकतम एक वर्ष होगी। बीमा कराने के लिए पशु की टैगिंग अनिवार्य होगी। पशुपालक और टैग लगे पशु का स्पष्ट फोटो लिया जाएगा।

पशु का मूल्य निर्धारित स्कोर कार्ड के आधार पर तय किया जाएगा। योजना जीएसटी से मुक्त है। सीवीओ डा. आरपी शर्मा ने बताया कि बीमित पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक को तत्काल संबंधित पशु चिकित्साधिकारी, पैरावेट, पशुसखी, प्वाइंट आफ सेल या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को सूचना देनी होगी।

मृत्यु के बाद शव को अधिकतम 24 घंटे तक निरीक्षण के लिए सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में पशुओं का बीमा कराकर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।