जागरण संवाददाता, एटा: डलावघर के खिलाफ दूसरे दिन भी कटरा मुहल्ले के नागरिकों का धरना जारी रहा। लोग सुबह से ही धरने पर बैठे उन्होंने एलान कर दिया है कि जब तक डलावघर यहां से नहीं हटेगा, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

यहां का डलावघर आधी से ज्यादा सड़क घेर लेता है, जिसकी वजह से लोगों का जीना दूभर है। मुहल्ले में रहने वाले लोगों को अपने खिड़की, दरवाजे भारी दुर्गंध के कारण दिनभर बंद रखने पड़ते हैं। कई बार शिकायतें की गईं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। अंतत: नागरिक खुद आंदोलन करते हुए धरने पर बैठ गए। इस डलावघर के पास ही शिवमंदिर है तथा उपकृषि निदेशक का दफ्तर भी वहीं है। पास में ही संचालित जूनियर स्कूल के बच्चे भी गंदगी से होकर गुजरते हैं, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन से शिकायत की, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई और स्थिति जस की तस बनी रही। इस बीच धरने पर बैठे नागरिकों ने जिलाधिकारी के नाम एक संबोधित ज्ञापन दिया, जिसमें कहा गया है कि तत्कालीन जिलाधिकारी निधि केसरवानी को भी एक शिकायती पत्र दिया गया था, जिस पर उन्होंने नगर पालिका को निर्देश दिए थे कि डलावघर हटाया जाए।

इसके अलावा सड़क भी टूट चुकी है। ज्ञापन देने वालों में राजू वेदी एड., राजीव शर्मा, कुलदीप, सकील, राकेश कंज एड., अनूप चतुर्वेदी, मान ¨सह यादव, सतीशचंद्र, संजीव कुमार, सौरभ शर्मा, सोनू शर्मा, सुमनलता, राजेंद्र कुमार, मुन्नालाल शर्मा, मुन्नी देवी आदि शामिल हैं। इधर शहर के कई रिहायशी इलाकों में और भी डलावघर संचालित हैं, जिनकी वजह से वहां के लोग मुश्किल में हैं। भारी दुर्गंध के कारण उनका जीना दुश्वार हो रहा है। कई बार शिकायतें हुई, लेकिन परिणाम शून्य रहा। इन मुहल्लों में भी लोग विरोध कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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