एटा, जागरण संवाददाता: दीपावली से लेकर अब तक डेंगू और मलेरिया का जमकर प्रकोप रहा। तापमान कम होने के साथ अब इन बीमारियों में तो कमी आने लगी है। लेकिन वायरल संक्रमण ने परेशान करना शुरू कर दिया है। दिन और रात में तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। जिसके चलते लोग खांसी-जुकाम और बुखार की गिरफ्त में आ रहे हैं। खासतौर से छोटे बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां इस तरह के ही अधिकांश रोगी नजर आ रहे हैं।

हफ्ते भर से मौसम के तेवर पूरी तरह बदले हुए हैं। आधी रात के बाद ठंड एकदम से बढ़ जाती है। सुबह तक तापमान 11-12 डिग्री सेल्सियस रहता है। जबकि दिन में यह बढ़कर 23-24 तक पहुंच जाता है। हर दिन हो रहा यह बदलाव लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। दिन में कम कपड़ों में बाहर निकलने वाले लोगों के लिए रात का मौसम खतरनाक हो जाता है। जिसके चलते लोग लगातार सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में 200 से 300 लोग हर रोज इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि, इतना फायदा जरूर हुआ है कि ठंड में मच्छरों की संख्या घटने से डेंगू और मलेरिया पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

दो लोगों में मिला एनएस-1

------

जिला अस्पताल में शनिवार को 14 लोगों की डेंगू जांच कराई गई। इनमें टीटू (40) निवासी जीआइसी कालोनी और दिव्यांशी (4) निवासी संजय नगर को एनएस-1 पॉजिटिव (शुरुआती डेंगू) घोषित किया गया।

वर्जन

------

डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। मौसम में बदलाव के चलते लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या हो रही है। ठंड बढ़ने पर वायरल के मामले और बढ़ सकते हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर से बच्चों के लिए मौसम ज्यादा संवेदनशील है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे बीमारी की चपेट में जल्दी आते हैं।

- डॉ. मनोज कुमार, जिला अस्पताल

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस