जासं, एटा: एंटी कोरोना टीकाकरण का दूसरा चक्र 22 जनवरी को होगा। इसमें पांच अस्पतालों में नौ स्थानों पर टीकाकरण स्थल बनाए गए हैं। इनमें 900 लोगों को टीका लगवाने के लिए बुलाया गया है। किसी तरह के विपरीत प्रभावों को लेकर भी स्वास्थ्य महकमा बेहद चौकन्ना है।

टीकाकरण का आगाज 16 जनवरी को हो चुका है। उस समय जिला अस्पताल सहित जलेसर और अलीगंज सीएचसी पर एक-एक टीकाकरण स्थल बनाए गए थे। जहां कुल 254 लोगों को टीके लगाए गए। अब शुक्रवार को जिला अस्पताल, अलीगंज, जलेसर सीएचसी तथा बागवाला पीएचसी पर दो-दो और जिला महिला अस्पताल में एक टीकाकरण सत्र संचालित किया जाएगा। हर सत्र पर 100 लोगों को टीका लगवाने के लिए गुरुवार को मोबाइल पर मैसेज भेजे गए। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक टीकाकरण कार्यक्रम चलेगा।

महिला अस्पताल में निजी चिकित्सक-कर्मियों को भी लगेंगे टीके:

जिला महिला अस्पताल में टीके लगवाने के लिए 100 लोगों को बुलाया गया है। इनमें 42 चिकित्सक-कर्मचारीस्वास्थ्य विभाग के हैं, जबकि 58 लोग निजी चिकित्सा क्षेत्र के हैं। टीकाकरण कार्यक्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर सहयोग जताने के लिए गुरुवार को जिला महासचिव डा. आशुतोष गुप्ता ने सीएमओ डा. अरविद कुमार गर्ग से मुलाकात की। कोविड -19 का यह टीका सबसे सुरक्षित टीका है। यह शरीर पर किसी तरह का खतरनाक प्रतिकूल प्रभाव नहीं छोड़ता है। थकान, कंपकंपी, बुखार, सिरदर्द, मतली, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द की समस्या आ रही है तो इसका मतलब है कि टीका शरीर पर असर कर रहा है। इन लक्षणों से चितित होने की कोई जरूरत नहीं है।

- डा. अरविद कुमार गर्ग, सीएमओ

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