जासं, एटा: साधन सहकारी समितियों पर चल रहा डीएपी खाद का टोटा खत्म हो गया। जनपद में 22 सौ मीट्रिक टन डीएपी खाद साधन सहकारी समितियों के लिए मुहैया हुई है। प्राइवेट दुकानों के लिए साढ़े 15 सौ एमटी खाद उपलब्ध हुई है। इसकी आधार कार्ड और खतौनी के अनुसार कृषकों को बिक्री की जाएगी।

लाहा की फसल तैयार करने के लिए किसानों को पिछले दिनों से डीएपी खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा था। अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं थी। किसान फसल तैयार करने के लिए प्राइवेट दुकानों से खाद ले रहे थे। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने खाद की दो रैक जिले में मंगाई हैं। इनमें 11 सौ मीट्रिक टन इफको डीएपी और इतनी ही इफको एनपीके खाद जिले में आई है। इसके अलावा प्राइवेट दुकानों पर पीपीएल की 500, एनएफएल की 800, चंबल की 100 एवं आईपीएल की 150 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध हुई है।

जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि खाद की बिक्री निर्धारित मूल्य पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इफको डीएपी 1200 और इफको एनपीके डीएपी की 1185 रुपये प्रति बोरी कीमत निर्धारित है। इससे अधिक में बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन दिन बाद जिले में फिर से एक और खाद की रैक आएगी। किसानों के लिए डीएपी खाद का टोटा नहीं होने दिया जाएगा।

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