देवरिया : कच्ची के खिलाफ पुलिस का अभियान फिसड्डी साबित हो रहा है। क्षेत्र के कई स्थानों पर कच्ची का धंधा बेखौफ होकर चल रहा है। विभाग इसे रोकने में असहाय है।

कुछ दिन पूर्व शासन के निर्देश पर अभियान चलाया गया था। क्षेत्र के नदियों के किनारे बसे गांवों पर विभाग ने जांच करने की जहमत ही नहीं उठाई। गोर्रा के किनारे शीतलमांझा, पिपराकछार, बजरंग चौराहा, भरोहियां, गाजन डहरौली आदि स्थानों पर कच्ची के अड्डों पर सूरज ढलते ही जमावड़ा शुरू हो जाता है। इससे गांवों का माहौल विषाक्त होता जा रहा है। गांव के मा¨नद लोगों ने परेशान होकर कई बार इस बात की शिकायत भी की, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। बताते हैं कि कई गांवों में कच्ची दारु बनाई और बेची जा रही हैं। ऊंची रसूख होने के कारण मुकामी पुलिस भी हाथ डालने से कतराती है। शीतलमांझा में तो गांव के मध्य में अपरान्ह के बाद से ही मेला लगना शुरू हो जाता हैं। वहीं भरोहिया में एक मा¨नद व्यक्ति के घर धंधा चल रहा हैं जहां पुलिस कई बार छापेमारी भी कई बार कर चुकी है। रुद्रपुर-देवरिया मार्ग के मध्य में कोइलगढ़हा के बिचला टोला में कुटीर उद्योग के रूप में कच्ची का धंधा बेखौफ चल रहा है। इस पर लगाम लगा पाने के लिए कई बार अभियान चलाए गए। नतीजा सिफर साबित हुआ। इस बारे में पूछे जाने पर आबकारी निरीक्षक ने बताया कि अभियान चलाकर कार्रवाई की जायेगी।

Posted By: Jagran