देवरिया : मतदाता पहचान पत्र के प्रति सरकार भले ही गंभीर दिख रही है, लेकिन उसका असर नहीं दिख रहा है। लापरवाही की हद तो यह है कि गुरुवार की दोपहर तहसील परिसर में कूड़े के ढेर में बिखरे सैकड़ों मतदाता पहचान पत्र मिले।

जब इस बात की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो इसकी सूचना तहसील के जिम्मेदारों को दी। पहचान पत्र कूड़े के ढेर में देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे तहसीलकर्मियों ने वहां से हटा दिया। उन्हें देखने पर यह पता नहीं चल पा रहा था कि किन-किन गांवों के लोगों के पहचान पत्र थे या कि नगर में कोई फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने वाले ने फेंक दिया था।

इस बाबत जब उपजिलाधिकारी रामविलास राम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

By Jagran