देवरिया: जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा कि पीएचसी व सीएचसी में ओपीडी सेवा चालू है। मरीजों के इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच करें। कोरोना के लक्षण मिलने पर इलाज सुनिश्चित करें। सामान्य स्थिति होने पर घर पर रहने की इजाजत होगी।

जिलाधिकारी शुक्रवार को कोविड-19 के प्रबंधन कार्य व स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों के जर्जर भवनों का मरम्मत व रंगाई-पोताई कार्य को प्राथमिकता से कराने का निर्देश दिया। व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा। टीकाकरण व सैंपलिग कार्य में तत्परता बनाए रखने का निर्देश दिया। टीकाकरण के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। उन्होंने सीरो सर्विलांस टीम को प्राथमिकता के साथ सर्वे कार्य किए जाने का निर्देश दिया। इस मौके पर सीएमओ डा.आलोक पांडेय, एसीएमओ डा. सुरेंद्र सिंह, डा.राजेंद्र प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी व डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि शामिल रहे। रैंकिंग में सुधार न लाने पर होगी कार्रवाई

देवरिया: जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा कि विकास व निर्माण कार्यों को लेकर जनपद की रैंकिग प्रभावित नहीं होनी चाहिए। डी श्रेणी वाले विभाग अपनी रैंकिग में सुधार लाएं। अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पंचायत भवनों व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डीपीआरओ उन उन गांवों के सचिवों का वेतन रोकें। वह शुक्रवार को गूगल मीट के माध्यम से विकास व निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने पीडी डीआरडीए को सीएम व पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत बनने वाले आवासों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन कार्य को पूरा कराने, बेसिक शिक्षा समेत अन्य विभाग बकाया बिजली बिल भुगतान का निर्देश दिया। नई सड़कों के निर्माण के बारे में पूछा। उन्होंने सेतु निगम की चार कार्य परियोजनाओं की वास्तविकता पता करने के लिए तीन दिन के भीतर संबंधित एसडीएम से रिपोर्ट मांगी। बैठक में सीडीओ शिव शरणप्पा जीएन, पीडी संजय पांडेय, डीडी कृषि डा. एके मिश्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विकास साठे, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी कमल किशोर, परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह, डीएसओ विनय कुमार सिंह, डीएसटीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

बच्चों को कुपोषण से बचाने पर दिया जोर

देवरिया: डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वह गूगल मीट के माध्यम से जिला पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय ने बताया कि पिछली बैठक में निर्णय लिया गया था कि जिन विद्यालयों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उसके एक हिस्से में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराएं। ऐसे 180 प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किए गए हैं। जहां आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा सकते हैं। इन विद्यालयों में 650 वर्ग फीट भूमि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए उपलब्ध है। डीएम ने 10 दिन के भीतर प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिससे उसे शासन को भेजा जा सके। 52 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था के रूप में चिह्नित करते हुए धनराशि उपलब्ध कराएं।

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