देवरिया: लगातार दूसरे दिन भी नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई। सरयू का जलस्तर 26 सेमी नीचे उतरा। पानी कम होने से ग्रामीणों और प्रशासन न तो राहत की सांस ली है, कितु किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। नदियां कटान कर किनारे की कृषि भूमि निगल रही हैं। प्रशासन द्वारा अब तक कटावरोधी उपाय शुरू नहीं किए जा सके हैं।

थाना घाट स्थित गेज पर मंगलवार को सरयू का जलस्तर 66.69 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से अब भी 19 सेमी ऊपर है। चौबीस घंटे में 26 सेमी की कमी दर्ज की गई। सोमवार को नदी 66.95 मीटर पर प्रवाहमान थी। विशुनपुर देवार का स्कूलहिया टोला, कतलहिया टोला, महेंद्र यादव टोला, सुब्बा तोला, नई यादव बस्ती, पुरानी हरिजन बस्ती, चौहान टोला, जरलहवा टोला, रामदरश टोला अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे है। परसिया देवार के राजभर टोला में मकानों के निकट बाढ़ का पानी हिलोरे मार रहा है। कपरवार संगम तट से कटइलवा तक कटान हो रही है। हर घंटे कटकर थोक के भाव कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन हो रही है। राप्ती के जलस्तर में भी कमी दर्ज की गई। हालांकि पानी से घिरे भदिला प्रथम के ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिल पाई है। प्रशासन से उन्हें राहत भी नहीं मिल पा रही है।

एसडीएम रामबिलास राम ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। अब खतरे जैसी कोई बात नहीं है। बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी।

Posted By: Jagran

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