देवरिया: जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की रविवार की शाम समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले तेज बुखार के मरीजों का चिकित्सक विशेष ध्यान रखें। उन्हें चिकित्सीय परामर्श व दवाएं उपलब्ध कराएं।

उन्होंने डेंगू, मलेरिया व एईएस जैसे संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया। कहा कि मौसम में बदलाव के साथ बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कहा कि जिन क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप अधिक है, उन जगहों पर फागिग की नियमित निगरानी नगर निकाय करें। स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों की कमी नहीं है। टेस्टिग किट व दवाएं उपलब्ध है। उन्होंने 27 सितंबर को होने वाले कोरोना मेगा कैंप की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सीएमओ डा.आलोक पांडेय, एसीएमओ डा.सुरेंद्र सिंह, डा.राजेंद्र कुमार, डा.अंकुर सांगवान, डा.गुलजार त्यागी, डा.राजेश आदि मौजूद रहे। आंदोलन करेगा गोंड समाज

सिचाई विभाग के डाक बंगला परिसर में भारत वर्षीय गोंड आदिवासी महासभा की रविवार को बैठक हुई। जिसमें विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई।

जिलाध्यक्ष मुंशी प्रसाद गोंड ने कहा कि आदिकाल से गोंड एक शक्तिशाली और गौरवशाली जाति रहा है। कालांतर में इनकी दशा और दिशा में काफी गिरावट आ गई है। देवरिया समेत 13 जनपदों में गोंड जाति को 2002 से अनुसूचित जनजाति में सम्मलित किया गया है और प्रमाण पत्र बन रहा है। जनपद के कुछ तहसीलों में लेखपाल सभी साक्ष्य के बावजूद रिपोर्ट लगाने में विलंब कर रहे हैं। जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से की जा चुकी है। यदि गोंड जाति के संवैधानिक अधिकारों के प्रति उदासीनता बरती गई तो गोंड आदिवासी महासभा उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। बैठक को जयनंद प्रसाद, बैजनाथ गोंड, रामधनी गोंड, उमेश गोंड,विजय बहादुर, जवाहर, अंबिका, नकछेद, राजकुमार, वीर बहादुर, ध्रुपदेव शाह, नंदू गोंड, रंजीत गोंड ने प्रमुख रूप से संबोधित किया।

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