देवरिया: जिला कारागार से बलिया के कारोबारी से रंगदारी मांगने वाले कुख्यात रामाश्रय यादव को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया जाएगा। जेल के खराब माहौल के बाद प्रशासनिक आधार पर उसका ट्रांसफर किया गया है। पूर्वांचल में करीब तीन दर्जन से अधिक आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाला रामाश्रय यादव जेल से गैंग भी संचालित कर रहा था।

मऊ जिले के मधुबन थानाक्षेत्र का रहने वाला रामश्रय यादव देवरिया जेल में है। सात सितंबर को बलिया जिले के बेल्थरा निवासी आटा कारोबारी ने रामाश्रय पर तीन लाख रुपये रंगदारी मांगने जाने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि पांच सितंबर को बैरक नंबर 17 से शातिर ने कारोबारी से रंगदारी मांगी थी। बलिया पुलिस ने जेल में रामाश्रय से मुलाकात करने वालों की सूची जेल प्रशासन ने मांगी थी। रंगदारी मांगने जाने की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया। प्रशासनिक आधार पर अनु सचिव हरि नारायण गिरी ने महानिरीक्षक कारागार एवं सुधार सेवाएं को देवरिया जेल में बंद रामश्रय यादव पुत्र बब्बन यादव को देवरिया जेल से लखनऊ में शिफ्ट करने का आदेश दिया। रामाश्रय यादव गैंग पूर्वांचल में लूट व कारोबारियों से रंगदारी वसूल करता है। वर्ष 2013 में भागलपुर ब्लाक प्रमुख राजेश यादव के ऊपर जानलेवा हमले का आरोपित है। प्रमुख की हत्या की योजना बनाते रामपुर कारखाना पुलिस ने दो कारबाइन, पांच पिस्टल व पचास कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पेशी के दौरान वह पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है। इलाहाबाद में सीआरपीएफ कर्मी के घर वह फरारी में शरण लेता था। रामाश्रय आजमगढ़ के कुख्यात अमरजीत यादव गैंग से जुड़ा है। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने कहा कि आदेश मिलने के बाद रामश्रय को लखनऊ जेल भेज दिया जाएगा। प्रशासनिक आधार पर उसका तबादला किया गया है।

Posted By: Jagran

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