जागरण संवाददाता खुखुंदू: गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान से क्षेत्र के तमाम पोखरे सूख रहे हैं, लेकिन भलुअनी विकास खंड के खुखुंदू का चऊरधोई पोखरा वर्षा जल संचयन को लेकर की गई पहल से पानी से लबालब है। यह पोखरा पशु-पक्षियों के लिए जीवनदायिनी बन गया है।

यह पोखरा 10 वर्ष पूर्व काफी बदहाल था, गांव के लल्लन राय ने पोखरे का जीर्णोद्धार कराया था। चारों तरफ पोखरे की मेड़बंदी कराने का नतीजा यह हुआ कि बारिश का पानी बाहर न जाकर पोखरे मे इकट्ठा होता है। पशु-पक्षियों के साथ जलीय जीवों के लिए पोखरा वरदान साबित हो रहा है। यह सकारात्मक प्रयास से बदहाल पोखरी को नया जीवन देने वाले लल्लन राय की सोच व जज्बे की हर कोई तारीफ करता है। अन्य लोग भी इस सकारात्मक कार्य से सीख ले रहे हैं।

विशाल राय ने कहा कि पोखरे का पट्टा लेकर जीर्णोद्धार करने के लिए अपने जिम्मे लिया और सफल हुआ। इसके साथ ही ग्राम पंचायत का राजस्व भी बढ़ गया है। मत्स्य पालन से काफी लाभ भी मिल रहा है।

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- वर्षा जल का संचयन अत्यंत जरूरी है। इसे पोखरों, तालाबों और नदियों के माध्यम से संचित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। भू-जल का दोहन रोकने के साथ तालाबों के किनारे पौधारोपण होना चाहिए।

डा. एमएम त्रिपाठी

पर्यावरणविद्

अचानक बदला मौसम, तेज हवा के साथ बारिश जागरण संवाददाता, देवरिया: रविवार को दोपहर एक बार फिर मौसम अचानक बदला। आसमान में बादल छाने के साथ घोर अंधेरा हो गया और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। शनिवार की रात भी हवा के बीच रिमझिम बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी पड़े। भीषण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह तार और पोल टूट गए, जिससे आपूर्ति प्रभावित रही। इससे लोग परेशान नजर आए।

खुखुंदू संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में दोपहर बाद आंधी के बीच गरज-तड़क के बीच हल्की बारिश हुई। बारिश से किसानों को कुछ हद तक फायदा हुआ है।

Edited By: Jagran