देवरिया: तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी चौराहा पर सोमवार की शाम राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनायी गई।इस मौके पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा कैंडल जलाकर दिनकर जी को याद किया गया। जटाशंकर सिंह ने कहा कि राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी ने एक कुशल लेखक व कवि होने के अलावा राजनीति के माध्यम से भी देश की सेवा किया।वह लगातार बारह वर्षों तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे।साहित्य व जनसेवा के लिए दिनकर जी सदैव याद किए जाते रहेंगे। कवि मकसूद अहमद भोपतपुरी ने कहा कि 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में जन्मे राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आजादी के दीवानों में नयी जोश भरने का काम किया।

दुर्गेश मिश्र ने कहा कि विभिन्न उच्च पदों को सुशोभित करते हुए दिनकर जी ने भारत सरकार के हिदी सलाहकार पद पर रहते हुए हिदी के उत्थान के लिए जो काम किया,उसे भुलाया नहीं जा सकता। संत विदेह ने कहा कि साहित्यकार कभी मरता नहीं है। आचार्य मधुसूदन द्विवेदी ने कहा कि अपनी लेखनी के बदौलत दिनकर जी साहित्य के पन्नों में सदैव जिदा रहेंगे। यहां मुख्य रूप से आचार्य सुरेन्द्र द्विवेदी,शारदानंद द्विवेदी,श्रीभगवान साह, सैय्यद अंसारी,सोनू मिश्र,राजेश तिवारी,खुर्शेद अंसारी,प्रदीप द्विवेदी,सत्यनारायण शर्मा,रामइकबाल यादव,वीरबहादुर यादव,प्रदीप शर्मा,उपेन्द्र साह, शमशेर अली,विजय साह आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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