देवरिया: जेल से रंगदारी मांगने के मामले में आरोपित शातिर रामाश्रय यादव को जिला जेल से लखनऊ कारागार में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रशासनिक आधार पर उसका तबादला किया गया है। जेल से आपराधिक घटनाओं का अंजाम दिलवाने वाला रामाश्रय जेल प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। उसके ऊपर करीब तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

मऊ के मधुबन क्षेत्र का रहने वाला रामाश्रय यादव जिला कारागार में बंद था। सात सितंबर को बलिया के बेल्थरा में आटा कारोबारी से रामाश्रय के नाम पर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। कारोबारी ने आरोपित पर केस दर्ज कराया था। पड़ताल में रंगदारी मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद बलिया पुलिस ने रामाश्रय गैंग से जुड़े लोगों की पड़ताल शुरू कर दी। कारागार प्रशासन ने रामाश्रय से मुलाकात करने वाले लोगों की सूची जांच टीम को उपलब्ध कराई गई। जेल से रंगदारी व गैंग संचालित करने की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया। प्रशासनिक आधार पर रामाश्रय यादव पुत्र बब्बन यादव का तबादला लखनऊ जेल कर दिया गया। दो अक्टूबर को उसके ट्रांसफर की लिस्ट जेल पहुंची। दूसरे दिन भारी सुरक्षा में रामाश्रय को लखनऊ जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पूर्वांचल में लूट व रंगदारी वसूलने वाले रामाश्रय पर दर्जनों केस दर्ज है। हालांकि रामाश्रय के कई साथी जेल में बंद है। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने कहा कि रामाश्रय का तबादला प्रशासनिक आधार पर हुआ है। उसे लखनऊ जेल भेज दिया गया है। कुछ दिन पहले बलिया के कारोबारी ने रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था। उसे मामले में जांच चल रही थी।

Posted By: Jagran

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