देवरिया: भाटपाररानी क्षेत्र के लक्ष्मन चक में श्री राम कथा में कथा का रसपान कराते हुए कथावाचन राजन महाराज ने कहा कि धनुष यज्ञ में भाग लेने के लिए तमाम राजा-महाराजा आए, लेकिन कोई धनुष को हिला तक नहीं सका। अंत मे गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम ने धनुष को तोड़ दिया। सीता जी के साथ राम जी का विवाह हो गया।

प्रेम का यह अद्भुत पल देखकर जनकपुर वासी रोमांचित हो उठे। संयोजक भाजपा नेता हरिचरन सिंह कुशवाहा, प्रधानाचार्य डॉ विनय पांडेय, रमाकांत सिंह आदि मौजूद रहे।

इसी क्रम में शाम को रतसिया कोठी स्थित श्री बब्बन सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रहे राम कथा के दौरान कथावाचक राजन महाराज ने धनुष यज्ञ, स्वयंवर, राम बरात व राम-सीता विवाह की कथा सुनाई। डॉ. टीपी सिंह, प्रबंधक भानु प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य सुदामा सिंह, चंद्र प्रताप सिंह, दिग्विजय सिंह आदि मौजूद रहे। ठाकुरजी की कृपा से हो जाएंगे भवसागर से पार: साधना

सलेमपुर, देवरिया: विकास खंड के गुमटही में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक साधना शास्त्री ने रास पंच अध्याय का वर्णन किया। कहा कि महारास में पांच अध्याय है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भवसागर पार हो जाता है।

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