देवरिया : गर्मियां आते ही कूलर की डिमांड बढ़ जाती है, हो भी क्यों न, एक बार पानी भरा नहीं कि बस दिनभर की फुर्सत। तो वहीं सुबह-शाम पौधों और घर के बाहर छिड़काव भी आप कर देते हैं ताकि आपके लान और घर की हरियाली में किसी तरह की कोई कमी न आने पाए। साथ ही साथ मौसम की ठंडक में थोड़ा इजाफा हो सके। मगर क्या आपने आसपास मौजूद जीव-जंतुओं के बारे में सोचा है कभी? आखिर उन्हें भी तो इस मौसम में पानी की जरूरत होती है। अब इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए कौन आएगा? यह जिम्मेदारी भी तो आपकी ही है।

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नहीं हैं कोई प्राकृतिक स्त्रोत

एक दौर था जब शहर में पानी के तमाम प्राकृतिक स्त्रोत मौजूद थे। मगर आज कई ऐसे इलाके हैं जहां पानी के प्राकृतिक स्त्रोत न के बराबर हैं। जो बचे भी हैं उनका पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में आप तो अपने घर में साफ पानी की व्यवस्था कर लेते हैं मगर जानवरों और पक्षियों को इन्हीं गंदे पानी के स्त्रोतों से प्यास बुझानी पड़ती है, जिससे इनको फायदा कम होता है बल्कि ये बीमार भी हो जाते हैं।

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हर साल हो जाती हैं कई मौतें

आपको अगर ऐसा लग रहा है कि पक्षी-जानवर तो अपने लिए पानी का इंतजाम कर ही लेते होंगे, असल में ऐसा है नहीं! एक समय था जब वे सच में अपने लिए पानी की व्यवस्था कर लेते थे, क्योंकि तब उनके लिए पानी के प्राकृतिक स्त्रोत जैसे नदी, तालाब आदि थे। जो कि अब या तो नष्ट हो चुके हैं या गंदे हो गए हैं। गर्मी का असर पशुओं के साथ-साथ पक्षियों पर होता है। खाना और पानी की खोज में लगातार धूप में उड़ते रहने से वे कमजोर हो जाते हैं। जिसके चलते हर साल गर्मियों के मौसम में पक्षियों और जानवरों की मौत हो जाती है।

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ताकि न भटकें ये बेजुबान

जिस तरह से आपके लिए जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गई है ठीक वैसे ही पक्षियों के लिए भी प्याऊ की व्यवस्था करें ताकि उन्हें भी गर्मी में साफ और ठंडा पानी मिल सके, क्योंकि भोजन तो जानवरों को कोई भी खिला देता है, लेकिन साफ पानी न मिलने से उन्हें गर्मी में ज्यादा तकलीफ होती है। पानी खत्म होते ही दूसरा पानी और गर्म होते ही ठंडा पानी भरें, ताकि जानवरों को भी शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके।

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इन बातों का रखें ख्याल

-घर के बाहर या बालकनी में छांव वाली जगह पर बर्तन में पानी भरकर रखें।

-पानी गर्म हो जाने पर समय-समय पर उसे बदलते रहें।

-कोई भी जानवर यदि खाना न खाए, सुस्त हो या उल्टी करे, तो चिकित्सक को दिखाएं।-पानी और दाना आदि रख रहे हैं तो नियमित तौर पर इसे बरकरार रखें।

-इस चीज को सुनिश्चित कर लें कि पानी का बर्तन जानवर या पक्षी के आकार के लिहाज से उचित हो, ज्यादा छोटा या ज्यादा बड़ा बर्तन भी ठीक नहीं।

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Posted By: Jagran

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