जागरण संवाददाता, बरहज: सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि नदी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ से लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। जिला प्रशासन इससे बेफिक्र है। बाढ़ के पानी से घिरे विशुनपुर देवार के 10 टोलों के लोग बच्चों, महिलाओं को रिश्तेदारों के घर भेजने को बेबस हैं। मवेशियों के लिए चारे की समस्या है। भदिला प्रथम गांव के लोग डेढ़ माह से राप्ती नदी के बाढ़ के पानी से घिरे होने से परेशान हैं। सरयू और राप्ती नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर से लोग दहशत में है। प्रशासन से कोई राहत नहीं मिल रही है।

कपरवार में राप्ती नदी के जलस्तर में कमी आई है। विशुनपुर देवार के 10 टोले अभी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ओमप्रकाश यादव, जयराम, अशोक यादव, भोला ने बताया कि बाढ़ के पानी से घिरने के कारण परेशानी बढ़ गई है। स्वजन को रिश्तेदारों, अपने दूसरे घर को भेज दिया गया है। प्रशासन सिर्फ नाव लगाई है। भदिला प्रथम के शिवचंद यादव, कमलेश यादव ने बताया कि डेढ़ माह से गांव घिरा है। प्रशासन से कोई राहत नहीं मिल सकी है। सबसे जरूरी किरोसिन की है। जिससे कि रात में घरों में रोशनी हो सके। बाढ़ और बरसात से सर्प आदि का भय बना रहता है।

मंगलवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से ऊपर 67.40 मीटर पर बह रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। सोमवार को सरयू नदी 67.45 मीटर पर बह रही थी। 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर जलस्तर घटा है।

सपा कार्यकर्ताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

बरहज: मंगलवार को सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता कुरह परसिया संगम तट, कटइलवा, मेहियवा का दौरा किए। कटान और बाढ़ प्रभावित स्थलों को देखा।

रावत ने कहा कि सपा सरकार में जितना काम हुआ वही पर ठप पड़ा हुआ है। किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल नदी में विलीन हो गई है। किसानों को मुआवजा देने की बजाय सरकार और प्रशासन मौन साधे है। किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो धरना देंगे। इस दौरान रामप्रीत यादव, विकास यादव, अंकित यादव, अभितोष कुमार, सुरेश राणा मौजूद रहे।

Edited By: Jagran