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मां के ब्रह्मभोज के 15 दिन बाद उठी बेटे की अर्थी, सड़क हादसे में बेटे की मौत से सदमे में परिवार

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:44 PM (IST)

देवरिया के डेहरी उर्फ तिलौली गांव में सड़क हादसे में मुन्ना यादव की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. देवरिया के डेहरी उर्फ तिलौली गांव में सड़क हादसा हुआ।

  2. मुन्ना यादव की मौत से परिवार और गांव गम में डूबा।

  3. मां के ब्रह्मभोज के 15 दिन बाद बेटे का निधन हुआ।

जागरण संवाददाता, देवरिया। डेहरी उर्फ तिलौली गांव में रविवार रात हुए सड़क हादसे के बाद सोमवार को मातम पसरा रहा। मुन्ना यादव (40) की मौत से पूरा गांव गम में डूबा रहा। घर में स्वजन की सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही थीं।

पति की मौत से पत्नी किरन देवी की चीत्कार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। सबसे बड़ा दर्द यह था कि करीब 15 दिन पहले ही मुन्ना की मां का ब्रह्मभोज हुआ था। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि मुन्ना की मौत ने उसे फिर गहरे दुख में डुबो दिया।

सड़क हादसे में घायल हुआ था मुन्ना

डेहरी उर्फ तिलौली गांव निवासी मुन्ना यादव पुत्र हेमा यादव रविवार रात फोरलेन की ओर निकले थे। गांव के बाहर सड़क किनारे मंदिर के समीप वह खड़े थे। इसी दौरान सलेमपुर की तरफ से आ रहे बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हुआ। उपचार के दौरान मुन्ना की मौत हो गई।

मुन्ना परिवार के कमाऊ सदस्य थे। पिता का पहले ही निधन हो चुका था और करीब 15 दिन पहले मां की मौत के बाद ब्रह्मभोज की रस्म पूरी हुई थी। परिवार अभी मां के निधन के दुख से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि मुन्ना की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

सोमवार की शाम जब मुन्ना का शव घर पहुंचा तो पत्नी शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रोने लगीं। उनकी चीत्कार सुनकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। स्वजन के विलाप से माहौल ऐसा हो गया कि वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

मां के गम से उबरे नहीं थे, बेटे की मौत ने तोड़ा

स्वजन कह रहे थे कि मां की मौत के बाद ब्रह्मभोज की रस्म पूरी हुए अभी 15 दिन ही बीते थे। मुन्ना भी इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। घर से कुछ देर में लौटने की बात कहकर निकले थे, लेकिन किसे पता था कि उनका यह जाना आखिरी होगा। पत्नी बार-बार यही कहकर रो रही थीं कि वह घर लौटने की बात कहकर गए थे और हमेशा के लिए छोड़ गए।

एक पखवारे के भीतर मां और बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीण भी इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर यही था कि परिवार अभी एक मौत का गम भुला भी नहीं पाया था कि दूसरी मौत ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया।