देवरिया: साइबर सेल की टीम अब और अत्याधुनिक होगी। साइबर सेल के लैब में 35 लाख रुपये का साफ्टवेयर लगाया जाएगा। मोबाइल, लैपटाप व अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस के डाटा चंद मिनट में रिकवर करने में साइबर सेल की टीम नए साफ्टवेयर के जरिये सफल होगी। साफ्टवेयर के लगने व लैब के बनने के बाद अपराधियों पर शिकंजा कसना आसान होगा। साफ्टवेयर लगने में अभी कुछ समय लग सकता है। तैयारी तेजी से हो रही है।

साइबर सेल का प्रदर्शन हाल के दिनों में बेहतर रहा है। एक साल में चोरी के व गायब होने वाले साढ़े तीन सौ मोबाइल फोन बरामद किए गए। आधा दर्जन से अधिक साइबर अपराधियों को जेल भेजा गया। अब इस सेल को और सशक्त बनाने की तैयारी है। साइबर सेल के कंप्यूटर में नए साफ्टवेयर अपलोड होंगे तथा सिस्टम बढ़ाए जाएंगे। साथ ही आधुनिक लैब का निर्माण होगा। इस साफ्टवेयर के लगने के बाद साइबर सेल किसी भी मोबाइल के उड़े डाटा को चंद मिनट में रिकवर कर लेगा। आए दिन अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद डाटा उड़ा देते हैं।

अब इनकी चालाकी पुलिस के आगे नहीं चलेगी। मोबाइल डाटा, फेसबुक डाटा, वाट्सएप डाटा, मेल डाटा रिकवर करने की सुविधाएं होंगी। फिलहाल डाटा रिकवर करने के लिए लखनऊ या अन्य जगहों पर भेजना पड़ता था। साइबर सेल के प्रभारी, सिपाहियों को इस साफ्टवेयर को चलाने के लिए लखनऊ में बुलाकर प्रशिक्षित भी किया गया है। लैब बनना है और साफ्टवेयर भी लगना है। अभी इसमें समय लग सकता है। भविष्य को देखते हुए सभी को प्रशिक्षित किया गया है।

मुकेश मिश्र, साइबर सेल प्रभारी, देवरिया

Posted By: Jagran

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