देवरिया में 5.79 करोड़ के टेंडर मैनेज करने को लेकर खींचतान, वर्चस्व की लड़ाई में बिगड़ी बात
देवरिया के नगर पंचायत पथरदेवा में 5.79 करोड़ रुपये के 20 विकास कार्यों के टेंडर को लेकर ठेकेदारों के बीच विवाद गहरा गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
पथरदेवा में 5.79 करोड़ के 20 विकास कार्यों का टेंडर।
ठेकेदारों के बीच टेंडर को लेकर वर्चस्व की लड़ाई।
टेंडर खुलने की तिथि अब अनिश्चित, विवाद गहराया।
जागरण संवाददाता, देवरिया। नगर पंचायत पथरदेवा में 5.79 करोड़ रुपये के 20 विकास कार्यों के टेंडर को लेकर चल रही खींचतान आठ अक्टूबर की रात विवाद में बदल गई। ठेके हासिल करने की कवायद के बीच वर्चस्व की लड़ाई में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। अब टेंडर खुलने की तिथि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि टेंडर कब खुलेंगे और ठेके किसे मिलेंगे।
विभाग से जुड़े लोगों के अनुसार, टेंडर को लेकर ठेकेदारों के बीच सहमति बनने पर अक्सर दो से तीन ठेकेदार ही ई-टेंडर डालते हैं। वहीं, सहमति नहीं बनने पर टेंडर डालने वाले ठेकेदारों की संख्या बढ़ जाती है। निकायों में टेंडर मैनेज करने के कथित खेल को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
पथरदेवा में भी बड़ी धनराशि के कार्यों को लेकर पहले से खींचतान की चर्चा थी। जनप्रतिनिधियों की ओर से शासन स्तर पर पैरवी किए जाने के बीच ठेके हासिल करने को लेकर वर्चस्व की लड़ाई की बात भी सामने आ रही है।
तीन योजनाओं के 20 कार्यों पर खर्च होंगे 5.79 करोड़
नगर पंचायत में तीन योजनाओं के तहत 20 विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनकी कुल आगणन राशि पांच करोड़ 79 लाख 11 हजार रुपये है। इनमें मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के 15 कार्यों पर तीन करोड़ 80 लाख 33 हजार रुपये खर्च होने हैं।
सीवरेज एवं जलनिकासी योजना के एक कार्य के लिए 49 लाख 13 हजार रुपये और आकांक्षी नगर योजना के चार कार्यों के लिए एक करोड़ 49 लाख 65 हजार रुपये का आगणन तैयार किया गया है। इन सभी कार्यों की कुल जमानत राशि 57 लाख 91 हजार 100 रुपये निर्धारित की गई है।
पहले छह, फिर आठ अक्टूबर को खुलने थे टेंडर
नगर पंचायत की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 11 सितंबर को प्रकाशित अल्पकालीन ई-टेंडर में शामिल कार्यों के लिए टेंडर अपलोड करने की अंतिम तिथि पांच अक्टूबर को दोपहर दो बजे निर्धारित की गई थी।
टेंडर छह अक्टूबर को शाम चार बजे खोले जाने थे। बाद में अध्यक्ष के आदेश के क्रम में टेंडर अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर सात अक्टूबर को दोपहर दो बजे कर दी गई। साथ ही टेंडर खोलने की तिथि आठ अक्टूबर को शाम चार बजे निर्धारित की गई थी।
इसी बीच आठ अक्टूबर की रात टेंडर नहीं खोले जाने को लेकर विवाद बढ़ गया। फिलहाल टेंडर खोलने की अगली तिथि स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इन विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया और ठेकेदारों के चयन को लेकर स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।
