जागरण संवाददाता, सलेमपुर, देवरिया : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर में उस समय मरीज व तीमारदारों को पता चला कि यहां कोई महिला चिकित्सक की भी तैनाती है। जब उनका वेतन बिल बनाने के लिए सीएचसी पर तैनात दो बाबू आपस में भिड़ गए। पिछले नौ माह से यहां महिला सर्जन की तैनाती है, लेकिन उनके द्वारा एक दिन भी यहां योगदान नहीं दिया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्षों से महिला चिकित्सक के तैनाती की मांग जन प्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। स्थिति है कि यहां पर डा. रेनू मिश्रा की तैनाती दिसंबर से है। वेतन सलेमपुर से ले रहीं हैं, लेकिन वे यहां आज तक योगदान नहीं दी। प्रसूताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिला चिकित्सक के अभाव में यहां आने वाले प्रसूताओं को रेफर कर दिया जाता है।

बुधवार की शाम को अस्पताल में जब एक बाबू डा.रेनू मिश्रा का वेतन बिल बनाने के लिए दूसरे बाबू पर दबाव बनाने लगा तो बाबू ने इन्कार कर दिया और कहा कि जब वे यहां नहीं आती हैं तो बिल नहीं बनेगा। इसको लेकर दोनों बाबू में कहासुनी होने लगी। इस दौरान भीड़ जुट गई। तब लोगों को यह पता चला कि यहां कोई महिला सर्जन की भी तैनाती है। इसके बावजूद वह यहां आती नहीं है। पिछले दिसंबर में डा. रेनू मिश्रा की तैनाती एडी के आदेश पर सीएचसी सलेमपुर में हुई। लेकिन तैनाती के साथ ही उनके संबद्धता का पत्र भी आया जिसमें उनको जिला चिकित्सालय के लिए संबद्ध करने की बात कही गई थी। इस आधार पर उनको रिलीव कर दिया गया।

-- डा.अतुल कुमार

अधीक्षक सीएचसी सलेमपुर

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