जागरण संवाददाता, गौरीबाजार, देवरिया: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीबाजार में बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर 55 लोगों के मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। दो लोगों में मानसिक रोग के लक्षण मिलने पर उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ दवाएं दी गई।

शिविर का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि आज बच्चे से लेकर बड़े तक सभी अलग-अलग मानसिक दबाव का अनुभव करते हैं। यह विभिन्न मानसिक रोगों का लक्षण है। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता लाना है।

सीएमओ डा. आलोक पांडेय ने कहा मानसिक रोग भी अन्य रोगों के समान ही है। समाज में इससे ग्रसित लोगों को हीन भावना से देखा जाता है। इस कारण लोग इसे छिपाते हैं। मानसिक रोगों को छिपाने की बजाय सामने लाएं और इलाज कराएं। उन्होंने मानसिक रोग के लक्षण बताते हुए शिविर में आए लोगों को जागरूक किया। एसीएमओ डा. सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मानसिक विकार से ग्रसित व्यक्ति को झाड़फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उसे मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाकर इलाज कराना चाहिए। इलाज कराने से ही मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। परियोजना निदेशक डीआरडीए संजय कुमार पांडेय ने कहा कि मानसिक रोगियों को निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा मिल रही है। मानसिक रोग के लक्षण व बचाव के उपायों के प्रचार-प्रसार से जागरूकता लाया जाए। एसीएमओ डा. संजय चंद ने कहा कि अधिकांश लोगों को मानसिक रोग के लक्षण के बारे में जानकारी नहीं है। इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है।

यहां सीएचसी प्रभारी डा. बीएन गिरि, डा. विज्ञानी, क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट डा. नेत्रिका पांडेय, वर्षा सिंह, बीपीएम शैलेंद्र ओझा आदि उपस्थित रहे।

Edited By: Jagran