जागरण संवाददाता, देवरिया : शहर से देहात तक ट्रामा सेंटर नहीं है। लेकिन शहर के विभिन्न मोहल्लों की गलियों में नर्सिंग होम व अस्पताल खुल गए हैं। उन अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है। ज्यादातर अस्पताल बिना चिकित्सक के संचालित हो रहे हैं। कागज में रिटायर्ड चिकित्सकों की तैनाती दिखाई गई है। मौके पर झोलाछाप मिलते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बिना चिकित्सक के संचालित हो रहे अस्पतालों को लेकर गंभीर नहीं हैं। हालांकि फर्जी ढंग से संचालित हो रहे कुछ अस्पतालों पर हाल के दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है। पहले चौक-चौराहों पर डाक्टर के नाम पर झोलाझाप हुआ करते थे, लेकिन इन दिनों चौक-चौराहों पर भी अस्पताल खोल दिया गया है और उसे नर्सिंग होम की संज्ञा दे दी गई है। एक चिकित्सक के नाम से कई जगहों पर अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है। अस्पतालों में दर्जनभर चिकित्सक के नाम की सूची चस्पा तो कर दी जाती है, जब मरीज पहुंचता है तो दूसरे अस्पतालों से चिकित्सक को बुलाकर दिखाया जाता है। चिकित्सक के दवा लिखने के बाद चिकित्सक के साथ रहने वाले अनट्रेंड लोग मरीज का उपचार करने लगते हैं। आए दिन मरीजों की मौत के बाद हंगामा होता है। शहर में 80 से अधिक नर्सिंग होम इन दिनों संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकतर अस्पतालों में रेग्युलर चिकित्सक नहीं बैठते हैं। सर्वाधिक दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के कस्बा व चौराहों पर खुले नर्सिंग होम देखने को मिल रहा है। यहां भी चिकित्सकों की कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों की ओटी का है बुरा हाल

ग्रामीण क्षेत्रों में दो से तीन कमरे में संचालित हो रहे नर्सिंग होम के पास आपरेशन थियेटर तक नहीं है। छोटे से कमरे में आपरेशन थियेटर बना दिया गया है, लेकिन व्यवस्थाएं नहीं है। जिसके चलते मरीजों में इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है। इन सुविधाओं का अभाव :

- विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती कागज में

- उधार के सर्जन से आपरेशन

- बेहोशी के डाक्टर नहीं

- महिला रोग विशेषज्ञ नहीं

- बच्चों के डाक्टर नहीं

- पैरामेडिकल स्टाफ अप्रशिक्षित

- आक्सीजन प्लांट नहीं फर्जी ढंग से संचालित हो रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों की व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। जिसमें कमी मिल रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। देवरिया जिले में सरकारी व गैर सरकारी ट्रामा सेंटर नहीं है। डा.आलोक पांडेय

मुख्य चिकित्साधिकारी

देवरिया