जागरण संवाददाता, देवरिया: विधानसभा चुनाव के लिए शस्त्र जमा कराने पर जिला प्रशासन का पूरा जोर है, लेकिन शस्त्रधारक बहाना बना रहे हैं। कोई खुद को सीधा-साधा व शांति प्रिय नागरिक बता रहा है तो कोई कुछ और। सुरक्षा का हवाला भी जमकर दिया जा रहा है।

जनपद में 14500 शस्त्रधारक हैं, जिसमें 50 प्रतिशत भी शस्त्र थानों या दुकानों में जमा नहीं हुए हैं। ऐसे में पुलिस के सामने शस्त्र जमा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।

बिरयानी की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने प्रशासन के सामने दलील दी है कि वह व्यवसायी हैं। शस्त्र का लाइसेंस अपनी सुरक्षा के लिए रखते हैं। उन्होंने शस्त्र जमा नहीं करने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी है। पगरा उर्फ परसिया गांव के एक व्यक्ति ने खुद को शांत स्वभाव का बताते हुए शस्त्र जमा न कराने का अनुरोध किया है। एलआइसी में कार्यरत एक व्यक्ति का कहना है कि वह विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। हमारे कार्यालय में एलआइसी का प्रीमियम जमा होता है। इसलिए सुरक्षा के लिए शस्त्र पास में रखना जरूरी है। बैदा बांसपार के रहने वाले शस्त्रधारक का कहना है कि मेरे नाम से किसी प्रकार का आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। शांति प्रिय व सीधा साधा व्यक्ति हूं। इसलिए शस्त्र जमा करने से छूट मिलनी चाहिए। हालांकि प्रशासन छूट देने के पक्ष में नहीं है। ------------------------

-विधानसभा चुनाव को देखते हुए शस्त्र जमा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उचित कारण न होने पर शस्त्र रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। -अमृतलाल बिद

मुख्य राजस्व अधिकारी

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