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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Deoria Murder Case: देवरिया हत्याकांड के आरोपी प्रेमचंद पर मेहरबान थी पुलिस, कोर्ट आदेश को दिखाया था ठेंगा

By PAWAN KUMAR MISHRAEdited By: Shubham Sharma
Published: Thu, 05 Oct 2023 05:00 AM (IST)Updated: Fri, 06 Oct 2023 02:54 AM (IST)

देवरिया मर्डर केस में मुख्य आरोपी प्रेमचंद यादव समेत पुलिस ने 27 आरोपियों को नामजद किया। जिनमें पुलिस ने 20 ...और पढ़ें

देवरिया मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रेमचंद्र पर मेहरबान थी रुद्रपुर पुलिस। (फाइल फोटो)
देवरिया मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रेमचंद्र पर मेहरबान थी रुद्रपुर पुलिस। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राइफल व बंदूक के बल पर गेहूं की फसल काट ले गया था प्रेमचंद
  2. कोर्ट से स्थगन आदेश होने के बाद भी डीएम के निर्देश का नहीं हुआ था पालन

विधि संवाददाता, देवरिया: Deoria Murder Case का मुख्य आरोपी प्रेमचंद पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। वहीं, रुद्रपुर के फतेहपुर में हुए नरसंहार के बाद से योगी सरकार का एक्शन लगातार जारी है, जिसके बाद अपराधियों समेत जिला प्रशासन और पुलिस आधिकारियों पर भी गाज गिरी है। रुद्रपुर तहसील के एसडीएम और सीओ समेत राजस्व व पुलिस के 15 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 

पुलिस ने नहीं कराया था अनुपालन

बता दें कि वर्ष 2020 के कोरोना काल में जब लॉकडाउन लगा था। उसी वर्ष दबंग प्रेमचंद यादव व उसके भाई रामजी यादव ने रायफल के बल पर सत्यप्रकाश दुबे के खेत में खड़ी गेहूं की फसल कंबाइन से काट ले गए। सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश का तहसील प्रशासन व पुलिस ने अनुपालन नहीं कराया। सत्यप्रकाश दुबे ने सिविल कोर्ट में अवमानना वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन फिलहाल उसमें 17 नवंबर को अगली तारीख पड़ी है।

कोर्ट ने दिया था स्थगन आदेश

रुद्रपुर के फतेहपुर के लेहड़ा टोले में नरसंहार में जान गंवाने वाले सत्यप्रकाश दुबे ने वर्ष 2014 में सिविल कोर्ट में मुकदमा दाखिल कर प्रेमचंद यादव व रामजी यादव पर जबरन भूमि कब्जा करने का आरोप लगाया था। इस मामले में कोर्ट ने छह अगस्त 2014 को स्थगन आदेश दे दिया। सत्यप्रकाश दुबे ने कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 में खेत में 4.144 हेक्टेयर में गेहूं की बोई थी। जब गेहूं की कंबाइन से मड़ाई कराने पहुंचे तो प्रेमचंद यादव व रामजी यादव ने रोक दिया।

पुलिस की थी मिलीभगत

सत्यप्रकाश ने छह अप्रैल 2020 को स्थगन आदेश की प्रति के साथ तत्कालीन डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। डीएम ने तत्कालीन एसडीएम रुद्रपुर ओम प्रकाश को न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। साथ ही तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रुद्रपुर अरुण कुमार मौर्य को भी दूरभाष से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, लेकिन आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मौर्य की प्रेमचंद से मिलीभगत होने के कारण स्थगन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ।

काट ले गया था 150 क्वींटल गेहूं

कोरोना काल में लॉकडाउन के समय 18 अप्रैल 2020 की रात में प्रेमचंद व उनके भाई ने रायफल, बंदूक व तलवार के बल पर रुद्रपुर कोतवाल की सरपरस्ती में करीब तीन लाख रुपये मूल्य का 150 क्विंटल गेहूं काट ले गए। सत्य प्रकाश ने सिविल जज के यहां अवमानना का वाद दाखिल किया है, जिसमें प्रतिवादी तत्कालीन एसडीएम ओमप्रकाश, प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार मौर्य, दबंग प्रेमचंद व रामजी यादव के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया। वादी सत्यप्रकाश दुबे ने दोनों अधिकारियों से उनके तीन माह के वेतन की कटौती कर क्षति पूर्ति दिलाने की मांग की थी।

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