देवरिया में 307 परिवारों की चमकी किस्मत, डायरेक्ट खाते में भेजी जाएगी सीएम आवास की पहली किस्त
देवरिया में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1819 पात्र परिवारों में से फिलहाल 307 को ही लाभ मिल पाया है। ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1819 परिवार पात्र चुने गए।
फिलहाल 307 परिवारों को आवास के लिए वित्तीय मंजूरी मिली।
शेष 1512 परिवार बजट के अभाव में अभी भी प्रतीक्षारत।
जागरण संवाददाता, देवरिया। सिर छिपाने के लिए पक्के मकान का सपना संजोए जिले के हजारों गरीब परिवारों की उम्मीदों पर फिलहाल सरकारी बजट की कमी भारी पड़ रही है। झुग्गी-झोपड़ियों और कच्चे आशियानों में दिन काटने को मजबूर 1819 परिवारों को 'जीरो पावर्टी' अभियान के तहत मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए पात्र तो चुना गया, लेकिन इनमें से महज 307 परिवारों की ही किस्मत चमक सकी है। शासन से बजट स्वीकृति के अभाव में शेष 1512 परिवार अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
दो वर्ष पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में आवासविहीन परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। जिले भर से आए 54,697 आवेदनों के भौतिक सत्यापन के बाद करीब 34 हजार परिवार पात्र पाए गए थे। हालांकि, दो सालों से केंद्र व राज्य से पर्याप्त फंड न मिलने के कारण इन पात्रों को छत नहीं मिल सकी।
इसके बाद शासन के निर्देश पर 'जीरो पावर्टी' अभियान के तहत गांवों में नया सर्वे कराया गया, जिसमें 9,250 परिवारों की जांच के बाद 1,819 बेहद गरीब परिवार बेघर मिले। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने का खाका खींचा गया, लेकिन वित्तीय मंजूरी केवल 307 आवासों को ही मिल पाई।
जिले की 'जीरो पावर्टी' सूची के अनुसार बैतालपुर में 228, बनकटा में 124, बरहज में 83, भागलपुर में 134, भलुअनी में 90, भटनी में 168, भाटपाररानी में 56, देवरिया सदर में 100, देसही देवरिया में 15, गौरीबाजार में 139, लार में 160, पथरदेवा में 109, रामपुर कारखाना में 63, रुद्रपुर में 82, सलेमपुर में 127 तथा तरकुलवा ब्लॉक में 141 परिवार आवास के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं।
स्वीकृत 307 मुख्यमंत्री आवासों के लिए शासन से धन आवंटित हो गया है और पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि भेजी जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के करीब दो हजार लाभार्थियों के लिए भी जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। शासन से धनराशि प्राप्त होते ही सूची के अनुसार पारदर्शी तरीके से मदद जारी की जाएगी। -अनिल कुमार, परियोजना अधिकारी।
