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देवरिया में अस्पताल की समस्या को डिप्टी सीएम ने लिया था संज्ञान, फिर भी नहीं हुआ समाधान

Published: Sat, 21 Mar 2026 02:30 PM (IST)

देवरिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदहाल है। अगस्त 2022 में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसकी दुर्दशा पर संज्ञान लिया था और जांच के आदेश दिए थे।

अस्पताल की समस्या को डिप्टी सीएम ने लिया था संज्ञान।

अस्पताल की समस्या को डिप्टी सीएम ने लिया था संज्ञान।

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संवाद सूत्र, बनकटा। क्षेत्र के सांसद और विधायक के संज्ञान के बाद समस्या दूर हो या न ही बल्कि जिस मामले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लिया हो और उसका समाधान न हो यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा है। बनकटा विकास खण्ड क्षेत्र के भुड़वार गांव में तीस बेड का बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार हो गया है।

बार-बार जिम्मेदार संज्ञान लेते हैं लेकिन मिलता है सिर्फ आस्वासन, जानकारी के अनुसार अगस्त 2022 में इंटरनेट मीडिया पर सीएसची भुड़वार से संबंधित फोटो व पोस्ट वायरल हो रहा था, जिसमे अस्पताल की दुर्दशा को दर्शाया गया था, जिसको उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया।

तत्कालीन सीएमओ से जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके आजतक अस्पताल की समस्या बनी हुई है। उपमुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट कर बताया था कि सीएसची भुड़वार की फोटो आई हैं। मैंने सीएमओ देवरिया से जांच रिपोर्ट मांगा है।

सीएचसी भुड़वार में समस्याओं का अंबार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुड़वार में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। यहां न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पानी की। एक फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल चल रहा है। महिला चिकित्सक के नहीं रहने से नर्सों के सहारे ही प्रसव कार्य कराया जाता है। चिकित्सक व एएनएम व अन्य संसाधनों की कमी से अस्पताल जूझ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के गरीब मरीजों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भुड़वार को स्वास्थ्य संबंधी संसाधनों से लैस किया जाना चाहिए। यहां अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था होनी चाहिए। गरीब जनता को निशुल्क मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा का हाल बेहाल बना हुआ है। गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

आयुर्वेद के चिकित्सक लिखते हैं एलोपैथ की दवा

सीएसची भुड़वार में तीस बेड के अस्पताल में करीब छह डॉक्टर का पद सृजित है लेकिन इनदिनों यहां एक भी डॉक्टर नही है पहले से तैनात डॉ को एक के बाद एक को दूसरे जगह स्थानांतरण कर दिया गया जिससे यहां आने वाले रोगियों को परेशानी होने लगी है।

हालांकि विभाग ने यहां एक आयुर्वेद के डॉक्टर की तैनाती कर रखा है जो यहां आने वाले रोगियों का ईलाज करते है और एलोपैथ की दवा लिखते हैं।जिसे फार्मासिस्ट रोगियों को देते हैं, जानकारों की माने तो आयुर्वेद के डॉक्टर अगर एलोपैथ की दवा दे रहे हैं तो रोगियों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है।

क्या कहता है विभाग

विभाग के जिम्मेदार सीएमओ देवरिया ने बताया कि पूरे जनपद में डॉ की कमी है इसलिए आयुर्वेद के डॉक्टर एलोपैथ की दवा लिख रहें हैं।

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