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मेडिकल मेडिकल कॉलेज में 10 दिन की नवजात बच्ची की मौत, मां की जान बचाने में जुटे डॉक्टर

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:03 PM (IST)

देवरिया मेडिकल कॉलेज में 10 दिन की नवजात बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसका 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम किया गया क्योंकि उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. 10 दिन की नवजात बच्ची की मेडिकल कॉलेज में मौत।

  2. पहचान न होने पर 72 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम।

  3. मानसिक रूप से विक्षिप्त मां की शिनाख्त जारी।

जागरण संवाददाता, देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाली 10 दिन की नवजात बच्ची के शव का 72 घंटे के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम कराया गया।

बच्ची की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने नियमानुसार तीन दिनों तक शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखा था। वहीं, नवजात को जन्म देने वाली मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रसूता की भी अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक गर्भवैकी विक्षिप्त महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के समय से ही बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी, जिसे तुरंत एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

करीब 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। प्रसूता के नाम-पता से अनजान होने के कारण पुलिस ने पहचान के लिए 72 घंटे तक इंतजार किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने नवजात का अंतिम संस्कार करवा दिया।

विक्षिप्त प्रसूता की पहचान बनी बड़ी चुनौती

नवजात की मौत के बाद अब पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने प्रसूता की शिनाख्त कराना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। महिला वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में भर्ती है। वह अपना नाम व पता बताने की स्थिति में नहीं है।

कोतवाली पुलिस आसपास के इलाकों और थानों के जरिए उसकी पहचान जुटाने में लगी हुई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय ने बताया कि वैधानिक कार्रवाई पूरी कर नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और प्रसूता के परिजनों का पता लगाने का प्रयास जारी है।

विक्षिप्त महिला का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जा रहा है। मेडिसिन और मानसिक रोग विशेषज्ञ (साइकेट्रिस्ट) समेत डाक्टरों की एक टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। -डॉ. एच.के. मिश्रा, सीएमएस।