देवरिया: उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने ई-वे बिल खत्म करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने उत्पीड़न रोकने को आवाज बुलंद की। कलेक्ट्रेट में पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

जिलाध्यक्ष तेज प्रकाश जायसवाल की अगुवाई में व्यापारी शहर के सुभाष चौक पर एकत्र हुए। वहां से प्रदर्शन करते हुए सिविल लाइंस, कचहरी चौराहा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। व्यापारियों ने कहा कि जब से जीएसटी लागू हुआ है। व्यापारियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी विभाग की तरफ से नए-नए तौर-तरीकों से व्यापारियों का उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है। जिससे व्यापारी बेहद दुखी हैं। जीएसटी पोर्टल सात महीने में भी सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रहा है। जुलाई 2017 के जीएसटी आर-3 बी का भार व्यापारियों पर अनावश्यक रूप से डाला गया है। जीएसटी आर-1, जीएसटी आर-2 व जीएसटी-3 भी भरना जरूरी है। व्यापारियों ने मांग किया कि जीएसटी में एक रिटर्न मासिक या त्रैमासिक भरने की अनिवार्यता रखी जाए, जिससे जीएसटी पोर्टल सुचारू रूप से कार्य कर सकेगा। इससे व्यापार आसान होगा, सरकार को मिलने वाले राजस्व में इजाफा होगा। उप्र में जीएसटी विभाग का सचल दल एसआइबी विभाग भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। इनके कार्यों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। प्रमुख मांगों में व्यापारमंडल की अनुमति के बगैर किसी भी प्रतिष्ठान की जांच न करने, एक देश, एक टैक्स, एक बाजार के नारे को सार्थक करने के लिए अनावश्यक ई-वे बिल जैसी व्यवस्था को समाप्त करने, जीएसटी में टैक्स दर केवल दो या अधिकतम तीन रखने, टैक्स 18 फीसद से अधिक न रखना आदि शामिल है। प्रदर्शन में अजीत जायसवाल, वेदप्रकाश जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, अब्बास अंसारी, इमरान खान, राजवंशी राजभर, जितेंद्र कुमार जायसवाल, पंकज ¨सह, एसएन मिश्र, संदीप उर्फ ¨वध्याचल, रामप्रताप ¨सह, महेश यादव, विजय जायसवाल, राजेश, जफर खान आदि मौजूद रहे।

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