जागरण संवाददाता, बरहज: पंचायत निर्वाचन के बाद अब क्षेत्र पंचायत चुनाव के लिए गोटियां बिछनी शुरू हो गई है। पर्दे के पीछे से रेस में बढ़त बनाने की सियासत शुरू हो गई है। बरहज में ब्लाक प्रमुख पद पर दो परिवारों का कब्जा रहा है। अन्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद भी उनके लोग ही प्रमुख बने।

बरहज विकास खंड में 54 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इसबार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पंचायत चुनाव में ही ब्लाक प्रमुख के कई दावेदार बीडीसी हार के बाद बाहर हो गए हैं। पूर्व प्रमुख कैलाश सिंह ने 2005 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर अपने चालक सुभाष प्रसाद को निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनवाया था। इसबार पूर्व प्रमुख कैलाश सिंह के बेटे निखिल सिंह राजा ने पूर्व प्रमुख सुभाष प्रसाद की कमान संभाले हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों से संपर्क अभियान भी जारी है। वर्ष 2010 में बसपा सरकार में विधायक रहे रामप्रसाद जायसवाल का प्रभाव था। रणजीत यादव ब्लाक प्रमुख बने थे। वर्ष 2015 में सपा सरकार के समय मनजीत यादव ब्लाक प्रमुख बने थे। 10 वर्ष से पूर्व ब्लाक प्रमुख रहे स्व.रामऔतार यादव के बेटे रणजीत यादव और मनजीत यादव ब्लाक प्रमुख रहे हैं। उनका परिवार भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस पद पर दावेदारी करता रहा है। यहां की प्रमुख पद इन्ही दो परिवारों के बीच रही है। इसबार सूबे में बीजेपी सरकार है। प्रमुख चुनाव में किसका दबदबा कायम होगा यह वक्त तय करेगा। यह रहे बरहज के ब्लाक प्रमुख

1988...रामऔतार यादव

1996...कैलाश सिंह

2000...रामपाल सिंह

2005...सुभाष प्रसाद

2010...रणजीत यादव

2015...मनजीत यादव