जागरण संवाददाता, लार,देवरिया: पंचायत चुनाव के आए परिणाम में कई दिग्गजों को मुंह की खानी पड़ी। सलेमपुर विधान सभा सीट से भाजपा विधायक काली प्रसाद की पत्नी व भतीजा क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का चुनाव हार गए हैं। भागलपुर ब्लाक प्रमुख के सीट आरक्षित होने के चलते इनके परिवार की दावेदारी मानी जा रही थी।

भागलपुर ब्लाक प्रमुख का सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इसी ब्लाक में विधायक काली प्रसाद का गांव जिरासो भी है। विधायक अपनी पत्नी स्वर्णलता देवी को इशारू व भतीजा हेमंत कुमार को धरमेर सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए मैदान में उतारे थे। दोनों सीटों पर उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा। उनकी पत्नी के सीट पर कुल पांच प्रत्याशी मैदान में थे। यहां से देवेंद्र कुमार 250 मत पाकर विजेता घोषित किए गए। अनिल कुमार को 208, मुन्ना को 158, छेदी को 131 व विधायक की पत्नी को 103 मत मिला। विधायक के भतीजे धरमेर सीट पर चौथे स्थान पर रहे। इस सीट पर आशुतोष मिश्र 311 वोट पाकर विजेता बने।

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लाटरी से खुला रविशंकर का भाग्य, बने प्रधान

देवरिया: रामपुर विकास खंड में मतगणना के दौरान एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया। तीन बार हुई मतगणना में भी नई सरकार का निर्णय न होने पर लाटरी निकाली गई और लाटरी में रविशंकर का भाग्य खुल गया। रविशंकर के हाथों गांव की कमान सौंप दी गई। हुआ यूं की रामपुर कारखाना विकास खंड के ग्राम डीहा बसंत अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित था। गांव में ऐसे तो छह प्रत्याशी मैदान में थे, गांव के 672 लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया था। दो चक्र की गणना के बाद अभिमन्यु 190 व रविशंकर गोड़ 191 मत पाए थे। दुबारा गिनती हुई तो रविशंकर का एक मत अवैध घोषित हो गया। इसके बाद दोनों लोगों का मत बराबर हो गया। इसके बाद पुन: मतों की गणना हुई, जिसमें भी दोनों प्रत्याशी बराबर पर रहे। बाद में आरओ महेंद्र प्रसाद की पहल पर लाटरी निकाली गई। जिसमें रविशंकर जीते गए।

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विजय जुलूस निकालने पर मुकदमा

देवरिया: खामपार थाना क्षेत्र में जीत के बाद विजय जुलूस निकालने पर देर रात पुलिस का शिकंजा कस गया। धरम खोर करन में विजय जुलूस निकालने पर पुलिस ने ग्राम प्रधान जयप्रकाश का खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।