देवरिया: श्री वैष्णव सेवा समिति के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज परिसर में आयोजित 27वीं भागवत कथा एवं नाम संकीर्तन यज्ञ में कथावाचक पं. रामजीलाल शर्मा शास्त्री ने भगवत कथा भगवत भक्ति एवं भगवान के स्वरूप का विशद वर्णन किया।

उन्होंने शुक-कथा की महिमा बताते हुए कहा, इस कथा का जिसके कंठ से संबंध हो जाता है, वह बैकुंठ की शाश्वत शांति का स्वामी बन जाता है। एकाग्र मन से भक्त वत्सल भगवान का ही नित्य- निरंतर श्रवण, कीर्तन, ध्यान और आराधना करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण के यश का श्रवण करने वाले के हृदय में आकर भगवान उसके समस्त अशुभ कर्मों एवं वासनाओं को नष्ट कर देते हैं। शत्रुमर्दन मिश्र, मीरा देवी, अजय शंकर मिश्र, लक्ष्मण गुप्ता, अखिलेश राव, रविशंकर गुप्त, रामविलास मणि, रमेश तिवारी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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