देवरिया: सदर विधायक जन्मेजय ¨सह लेटर पैड पर किसी ने सीएमओ कार्यालय के स्टोर कीपर वृजेश कुमार पांडेय के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच निदेशक लखनऊ को दिया गया। बुधवार को लखनऊ से दो जांच अधिकारी पहुंचे तो पता चला कि आयुष्मान भारत के लिए नियुक्ति चल रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी व सभी अधिकारी व्यस्त हैं। ऐसे में सीएमओ ने अन्य कर्मचारियों को सहयोग के लिए लगाया है। दोनों अधिकारी जांच करने पहुंचे तो कोर्ट के निर्देश पर स्टाक बुक समेत कई रजिस्टर सील पड़ा था। ऐसे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिल पाई। उधर विधायक जन्मेजय ¨सह ने अपने पैड पर लिखकर शासन व मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया कि मैंने यह शिकायत नहीं की है। मेरे पैड का किसी ने दुरुपयोग किया है। जिसने दुरुपयोग किया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर दोनों जांच अधिकारी असमंजस में पड़े रहे और कुछ भी कहने से बचते रहे। जांच अधिकारी राकेश कुमार सक्सेना ने पूछने पर बताया कि कुछ मामला नहीं है। कुछ हो तब तो बताया जाए हम लोग लखनऊ लौट रहे हैं। सदर विधायक जन्मेजय ¨सह ने कहा कि पता नहीं कौन फर्जी ढंग से मेरे लेटर पैड पर वृजेश पांडेय स्टोर कीपर के खिलाफ मुख्यमंत्री के यहां शिकायत कर दिया था। मुझे इसकी जानकारी नहीं हैं। मैंने इसकी जांच कर पत्र लिखने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दो वर्ष पूर्व वृजेश पांडेय के खिलाफ तकरीबन एक करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगा था, इस दौरान वृजेश पांडेय को निलंबित कर दिया गया था और सारे अभिलेख सील कर दिए गए थे। जिसकी मजिस्ट्रियल जांच हुई थी। बाद में निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ पूजा पांडेय ने वृजेश पांडेय को बहाल कर दिया।

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