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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अ‌र्द्धनारीश्वर है बाबा महेंद्रनाथ शिवलिग

By JagranEdited By:
Published: Sun, 03 Mar 2019 11:09 PM (IST)

महेन स्थित बाबा महेंद्रनाथ सैकड़ों वर्ष से भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित ...और पढ़ें

अ‌र्द्धनारीश्वर है बाबा महेंद्रनाथ शिवलिग
अ‌र्द्धनारीश्वर है बाबा महेंद्रनाथ शिवलिग

देवरिया : महेन स्थित बाबा महेंद्रनाथ सैकड़ों वर्ष से भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित अछ्वुत शिवलिग भूमि के अंदर से निकला है। यह अ‌र्द्धनारीश्वर के रूप में है। मान्यता है कि इसके दर्शन मात्र से लोगों को अकाल मृत्यु से मुक्ति मिल जाती है।

श्रावण मास में कांवरिए बरहज के सरयू तट से जल भरकर सर्वप्रथम बाबा महेंद्रनाथ का जलाभिषेक करते हैं। शिवरात्रि पर्व पर यहां मेला लगता है। सैकड़ों वर्ष पूर्व यह क्षेत्र जंगल था महेन गांव में ब्राह्मण कुल में जन्मे लक्ष्मी नारायण दास (पौहारी महाराज- प्रथम के नाम से विख्यात हुए) गांव के दक्षिण राप्ती में स्नान कर पीपल के वृक्ष के नीचे भगवान शिव की आराधना करते थे। पुजारी कुबेर नाथ भारती बताते हैं कि महाकाल भोले शंकर अ‌र्द्धनारीश्वर स्वरूप में विराजमान होकर उन्हें उपदेश देते थे। उनकी पत्नी को पति का भोर में घर से निकलना और देर शाम घर वापस आना खटकने लगा। एक दिन वह उनकी साधना स्थली पर पहुंच गई। वह भगवान शिव लक्ष्मी नारायण दास को उपदेश दे रहे थे। पत्नी की मौजूदगी से उपदेश में बिघ्न पड़ गया और भगवान शिव वही जड़ हो गए।

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शिवरात्रि पर्व की तैयारी पूरी

शिवरात्रि महापर्व के लिए मंदिर पर शुक्रवार से ही पूजा, अनुष्ठान शुरू हो गया है। एसडीएम विनीत कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर की साफ-सफाई कराई जा रही है। सुरक्षा व प्रकाश का भी इंतजाम रहेगा।

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आज निकलेगी शिव बरात

बरहज: नीलकंठ महादेव मंदिर से शिवरात्रि को निकलने वाली शिव बरात की तैयारी जोरों पर है। पुजारी मुन्नादास महराज ने बताया कि चार मार्च को दोपहर 12 बजे से बरात निकलेगी।

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