देवरिया : सदर कोतवाली के पिपरपाती में हुई दलित दंपती की हत्या के खुलासे की मांग को लेकर परिजन समेत ग्रामीण आक्रोशित हो गए और प्रदर्शन करने के साथ ही गोरखपुर-छपरा रेलखंड को चकियवा रेलवे ढाला के समीप जाम कर दिया। घटना का खुलासा न होने तक रेल ट्रैक जाम रखने की बात कहने लगे। ट्रैक जाम की सूचना पर एएसपी चिरंजीव नाथ ¨सहा के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस, पीएसी व आरपीएफ भी पहुंच गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के अंदर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग रेल ट्रैक से हटे। इस दौरान लगभग 45 मिनट तक रेल संचलन ठप रहा।

पिपरपाती निवासी सत्य नारायण प्रसाद व उसकी पत्नी शांति देवी की सोमवार की रात गला दबाकर झोपड़ी में हत्या कर दी गई। मंगलवार को पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और नामजद मुकदमा पंजीकृत करने के साथ ही एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। अभी पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ कर ही रही थी कि बुधवार की सुबह मृतक के परिवार के साथ ही गांव के लोग आक्रोशित हो गए। महिलाओं के साथ ही पुरुष सदस्य पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चकियवा रेलवे ढाला पहुंच गए और गोरखपुर-छपरा रेलखंड को जाम करते हुए प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि पुलिस इस घटना के पर्दाफाश में लापरवाही बरत रही है घटना का पर्दाफाश में विलंब कर रही है। परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता व सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी डा.अजय कुमार ¨सह, शहर कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव, रामपुर कारखाना थानाध्यक्ष परमा शंकर यादव, महिला थानाध्यक्ष प्रीति ¨सह पुलिस बल व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों की मांगों को मानते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ने दो दिन के अंदर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए और रेल ट्रैक से हटे। हालांकि दोपहर बाद तक रेलवे ढाला पर पीएसी व क्यूआरटी की तैनाती की गई थी।

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तीन ट्रेनें हुईं प्रभावित

ग्रामीण रेल ट्रैक पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे तो गेटमैन ने तत्काल स्टेशन अधीक्षक को इसकी सूचना दी। हालांकि तब तक छपरा से गोरखपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस व मालगाड़ी भी रेलवे ढाला की तरफ पहुंच गई थी। आंदोलन को देख चालकों ने ट्रेनों को रोक दिया। ग्रामीणों के ट्रैक से हटने के बाद छपरा-गोरखपुर, वाराणसी-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस व मालगाड़ी अपने गंतव्य को रवाना हुई। इस दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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जाम में फंसी रही एंबुलेंस

लोगों के रेल संचलन ठप करने से रेलवे ढाला बंद हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस बीच एक एंबुलेंस भी मरीज को लेकर पहुंच गई और जाम में फंस गई। आधे घंटे बाद जब रेलवे ढाला खुला तो सबसे पहले पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को वहां से निकाला। इस तरह से बहुत से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

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साहब..हमरे बेटा-पतोहू के मारे वाले के मिले सजा

बेटे व बहू की हत्या होने के बाद गाजी टूट चुके हैं। लोगों ने जब उनसे कहा कि न्याय के लिए रेल ट्रैक पर चलना है तो वह तथा उनकी पत्नी डंडा के सहारे पैदल ही रेल ट्रैक पर पहुंच पटरी पर बैठ गए। जब पुलिस अधिकारी समझाने पहुंचे तो गाजी रोते हुए कांपते हाथों को जोड़ कर बोले साहब हमरे बेटा-पतोहू के मारे वाले के कठोर सजा मिले, ना त उ हमनो के मार सकेलें। कवनो निर्दोष आदमी ना फंसे। यह देख वहां मौजूद लोगों की भी आंखें भर आईं।

Posted By: Jagran