जागरण संवाददाता, चित्रकूट : बारिश के बाद जंगलों-पहाड़ों से इकट्ठा हुए पानी के कारण उफनाई बरदहा नदी ने पाठा इलाके में दहशत है। शुक्रवार पूरी रात तेज बहाव के साथ कई गांवों तक पानी पहुंचने व सड़क पर आवाजाही ठप होने पर प्रशासन व पुलिस टीमों ने सैकड़ों लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। शनिवार सुबह डीएम विशाख जी व एसपी मनोज कुमार झा टीमों के साथ पहुंचे। यहां मऊ गुरदरी में पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुल देखने के बाद धीरे-धीरे उतर रहे पानी की स्थिति पर भी नजर डाली। उधर, मंदाकिनी नदी में भी बहाव काफी तेज रहा। इससे रामघाट समेत अन्य जगहों पर दुकानदार संशकित नजर आए।

गौरतलब है शुक्रवार देर शाम अचानक बरदहा नदी में उफान आने से मऊ गुरदरी, चमरौंहा, सकरौंहा समेत आसपास के गांवों में पानी घुस गया। इस पर मानिकपुर थाना प्रभारी केपी दुबे ने रात भर काम कर हालात संभाले। शनिवार सुबह पहुंचे डीएम व एसपी ने बाढ़ में चमरौंहा व मऊ गुरदरी को जोड़ने वाले पुल के क्षतिग्रस्त होने को लेकर हकीकत देखी। कहा कि इसके निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण लोगों को रस्सी बांध कर उसके सहारे निकाला गया। डीएम ने एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों से लगातार नजर बनाए रखने को को कहा।

ऐलहा बंढ़ैया ग्राम पंचायत की स्थिति गंभीर

पाठा क्षेत्र की ऐलहा बढ़ैया ग्राम पंचायत की स्थिति काफी गंभीर है। यहां के मजरा जीरा में कीचड़ से निकल कर बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। इससे अक्सर ड्रेस खराब हो जाती है। जगह-जगह जलभराव की भी दिक्कत है। यही स्थिति पंडितान की है। खंड विकास अधिकारी की अनदेखी से ग्रामीण बेहाल हैं। बैजनाथ, धीरू, बृजेंद्र कुमार, अमर जीत, ब्रजभान, अशोक, छोटेलाल व सत्य नारायण ने बताया कि बारिश के दिनों में हमेशा ऐसी स्थिति बन जाती है।

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इन गांवों में के लोग भी परेशानी में

पाठा क्षेत्र में बारिश के बाद बरदहा नदी के बढ़ने पर भाठा, चरैया, रतनपुर मजरों के बीच स्थित झुलझुलिया नाला भी उफना गया है। इससे आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। इसी तरह रानीपुर, गिदुरहा, कुबरी समेत अन्य जगहों पर भी ग्रामीण समस्या से घिरे हैं। हालांकि शनिवार को धीरे-धीरे पानी उतरने से दिक्कत फिलहाल खत्म होनी तय है।

Posted By: Jagran

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