संवाद सहयोगी, मानिकपुर (चित्रकूट) : मानिकपुर तहसील क्षेत्र के पाठा अंतर्गत कई गांवों में डायरिया समेत संक्रामक बीमारियों ने पांव पसार लिए हैं। इसमें किहुनियां के मजरा कुरैनिहा में बुजुर्ग की मौत हो गई है जबकि एक दर्जन से अधिक गांवों में सैकड़ों लोग बुखार, सर्दी-जुकाम की चपेट में हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर दवा लेने वालों की भीड़ लग रही है जबकि कई गंभीर बीमार आसपास के जिलों व कस्बों में इलाज करा रहे हैं।

प्रदूषित पानी पीने के कारण करीब एक सप्ताह पहले से फैले डायरिया की चपेट में आकर ग्राम पंचायत किहुनियां के मजरा कुरैनिहा में छवि लाल कोल (65) को परिजनों ने इलाज के लिए इलाहाबाद में भर्ती कराया था। उसकी सोमवार को मौत हो गई जबकि गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोग बीमारी की चपेट में हैं। मृतक के भाई लखन लाल ने बताया कि गांव मे करीब पौने तीन सौ आदिवासी परिवार रहते हैं। संक्रामक बीमारी की चपेट में आए लोग मानिकपुर, कर्वी, मझगवां, सतना समेत निजी डॉक्टरों से उपचार करा रहे हैं। सरकारी महकमे के डॉक्टरों ने शिकायत के बाद भी सुध नहीं ली है। उधर, सीएचसी मानिकपुर में भी बड़ी संख्या में बीमारी की चपेट में आए मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही के कारण पाठा क्षेत्र के बराह, चूल्ही, रामपुर, छेरिहा, करौंहा, गोपीपुर, नागर, अमचुर नेरुवा, डोडा माफी, बगदरी समेत अन्य गांवों में भी दिक्कतें बढ़ी हैं। वहीं, ग्राम पंचायत करका पड़रिया में डेढ़ माह से प्रदूषित पानी पहुंच रहा है। ग्राम प्रधान ने इसकी शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई। प्रधान आशा देवी यादव व प्रधान पति तुलसी यादव ने बताया कि टंकी से जलापूर्ति नहीं होने के कारण गांव के लोग चोहड़, नालों व तालाबों का दूषित पानी पी रहे हैं। इससे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश कुमार ¨सह ने बताया कि मौसम में बदलाव से लोग बीमार हो रहे हैं। टीमें भेजकर इलाज किया जा रहा है।

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