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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कहीं पुलिस के साए में तो कहीं घंटों इंतजार के बाद मिली खाद

By JagranEdited By:
Published: Mon, 08 Nov 2021 07:47 PM (IST)

जागरण संवाददाता चित्रकूट भले ही प्रशासन ने जिले में पर्याप्त डीएपी के इंतजाम का दावा कर र

कहीं पुलिस के साए में तो कहीं घंटों इंतजार के बाद मिली खाद
कहीं पुलिस के साए में तो कहीं घंटों इंतजार के बाद मिली खाद

जागरण संवाददाता, चित्रकूट : भले ही प्रशासन ने जिले में पर्याप्त डीएपी के इंतजाम का दावा कर रहा है लेकिन वैकल्पिक केंद्र में किसानों की लंबी लाइन लग रही है। प्रशासन को कहीं पर पुलिस के साए में वितरण करना पड़ रहा है तो कहीं पर किसानों को खाद के लिए घंटों जूझना पड़ रहा है। सोमवार को 17 केंद्रों में डीएपी का वितरण किया गया।

दीपावली के पहले जिले में 39 साधन सहकारी समितियों के डीएपी का वितरण हो रहा था लेकिन अधिक वेतनमान की मांग को लेकर समितियों के संचालक हड़ताल पर हैं ऐसे में प्रशासन ने डीएपी के वितरण लिए डीसीडीएफ सहकारी केंद्रों, इफको केंद्रों व एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप को वैकल्पिक सेंटर बनाया है। सोमवार को इन केंद्रों में किसानों को लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली। एग्री जंक्शन केंद्र कमासिन रोड, राजापुर में तो पुलिस के साए में डीएपी का वितरण कराया गया। इसके अलावा एग्री जंक्शन केंद्र शिवरामपुर में जबरदस्त भीड़ रही। पुरुष के साथ महिला किसान भी खाद के लिए डटे रहे। वैसे जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ला ने बताया कि दो दिन पहले इफको की रैक से 542 मीट्रिक टन डीएपी आई थी। जिसका 17 वैकल्पिक केंद्रों से वितरण किया जा रहा है। सभी केंद्रों में पीओएस मशीन से डीएपी बांटी जा रही है। किसान का आधार व रकबे के कागजात देखकर निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराया जा रही है। सोमवार को 2359 किसानों को 224.55 एमटी बांटी गई है। अब 317.45 एमटी का स्टाक बचा है। 440 एमटी की रैक तीन दिन के अंदर आ जाएगी। किसानों को खाद का दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।