केस-एक

कर्वी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय खरैंया में छात्र संख्या 170 है। यहां रविवार को भी कक्षाएं लगाकर प्रधानाध्यापक पढ़ाते हैं। इसके बाद भी नई नियुक्तियों में शिक्षक नहीं तैनात किए गए। सिर्फ एक शिक्षक को भेजा गया, जबकि छह चाहिए।

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केस-दो

मानिकपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नयापुरवा में छात्र संख्या 136 है। इस मॉडल विद्यालय में अतिरिक्त कक्षा एक से लेकर पांच बजे तक चलती हैं। बच्चों को बेसिक, सामान्य ज्ञान, गणित, अंग्रेजी पढ़ाई जाती है। यहां भी सिर्फ एक नए शिक्षक को तैनाती मिली है।

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केस-तीन

कर्वी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ढोलबजा में छात्र संख्या 50 है। इसके बावजूद यहां पर हाल में एक साथ दो शिक्षक नियुक्त कर दिए गए। यहां पर दो शिक्षामित्र भी हैं। इस तरह छात्र संख्या कम होने के बाद भी तैनाती ज्यादा को दी गई। यहां मानक को भी दरकिनार कर दिया गया है।

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जागरण संवाददाता, चित्रकूट : यह तीन मामले बता रहे हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग ने नए सहायक अध्यापकों को स्कूलों में तैनाती कैसे खेल किए हैं। विभाग ने तो हर कक्षा के बच्चों को पढ़ाने का लक्ष्य एक ही गुरुजी को दे दिया। छात्र संख्या अधिक होने पर भी शिक्षक कम और छात्र संख्या अधिक होने पर शिक्षक अधिक भेजे गए। ऐसे में शिक्षकों की कमी को लेकर एक साल से जूझ रहे कुछ विद्यालयों में खामियां बरकरार हैं। इससे नए व पुराने अध्यापकों में काफी नाराजगी है। जुगाड़ वालों को शहर व कस्बे के विद्यालयों में तैनाती मिली है। करीब 170 विद्यालय अभी तक ऐसे हैं, जहां मानक के हिसाब से नियुक्ति नहीं हुई है।

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आंकड़ों की नजर में

कुल खाली पद : 1,040

आवेदक आए : 721

नियुक्ति मिली : 685

महिलाएं : 255

पुरुष : 424

दिव्यांग : 06

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जांच कराकर होगी कार्रवाई

पहले कम संख्या वाले स्कूलों में सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दी गई है। 100 से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक भेजने, शहरी इलाकों में मानक से अधिक तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई होगी।

-प्रकाश ¨सह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, चित्रकूट

Posted By: Jagran