शिवा अवस्थी, चित्रकूट

प्रभु राम के साथ वनवास काल में चित्रकूट आए लक्ष्मण ने जिस पहाड़ी पर नींद त्याग कर 11 साल छह माह 18 दिन बिताए थे, उसे अब आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने यहां खान-पान का इंतजाम करने के लिए आधुनिक रेस्टोरेंट बनाने का काम शुरू कराया है। यहां विशेष दूरबीन की भी व्यवस्था होगी, जिससे दूसरी पहाड़ियों के नजारे देखे जा सकेंगे।

चित्रकूट की लक्ष्मण पहाड़ी पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत देने के लिए रोप-वे का निर्माण कराया गया है। पिछले 14 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद से श्रद्धालु 50 रुपये देकर आसान और रोमांच भरे सफर का लुत्फ उठा रहे हैं। अब लक्ष्मण पहाड़ी पर अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास भी चल रहे हैं। यहां बनी तकरीबन 275 सीढि़यों का भी जीर्णोद्धार कराया गया है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बारिश और धूप से बचाने के लिए शेड तैयार हो रहा है। पानी के लाइन पाइन लाइन बिछाने का काम भी अंतिम चरण में हैं। इनकी छटा देख रह जाएंगे अपलक

- लक्ष्मण मंदिर पर रेड स्टोन से ग्रेडिग।

- बच्चों के लिए खेलने के लिए लगेंगे झूले।

- चारों तरफ चौकियां होंगी और बेहतर।

- पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी होगी

- लक्ष्मण के जीवन चरित्र पर होगी पेंटिग। ये है महात्म्य

चित्रकूट में कामदगिरि के पास स्थित पहाड़ी पर प्रभु राम के भाई लक्ष्मण ने नींद, नारी और अन्न त्याग कर तपस्या की थी। कामदगिरि परिक्रमा के दौरान लोग पहाड़ी पर पहुंचकर चित्रकूट दर्शन करते हैं। यहां प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि इसी पहाड़ी पर बैठकर लक्ष्मण जी भगवान राम व माता सीता की सुरक्षा करते थे। वो चबूतरा भी आज तक विद्यमान हैं। साधु-संतों का मानना है कि इस स्थल के दर्शन के बाद लोगों के अंदर से डर खत्म हो जाता है। लक्ष्मण पहाड़ी को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार संजीदा है। कई काम कराए जा रहे हैं नए साल तक पहाड़ी आकर्षण का केंद्र बन जाएगी।

- शक्ति सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी चित्रकूट।

Posted By: Jagran

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