हेमराज कश्यप, चित्रकूट : इस बार मानसून को वर्षा जल संचयन के संकल्प ने बांधा तो जल दोहन से डार्क जोन में पहुंचे ब्लाक में भी इसके सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। थोड़ा ही सही, वर्षा जल संचयन से उम्मीदों का 'घड़ा' भरा है। डार्क जोन में शामिल कर्वी ब्लॉक में भूगर्भ जल का स्तर 34 से 36 मीटर तक है। क्षेत्र में 198 टॉप रूप रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगने के बाद जलस्तर में करीब दस सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। भूगर्भ जल विभाग के सर्वे के मुताबिक जल संकट से ग्रसित अन्य इलाकों में भी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अभियान 'मेरी छत-मेरा पानी' का असर तीन माह में जलस्तर वृद्धि के रूप में दिखाई दिया है।

डार्क जोन में पहुंचे कर्वी, सेमी क्रिटिकल जोन वाले पहाड़ी, राम नगर, मऊ और मानिकपुर ब्लॉक के लिए जल संरक्षण को लेकर चल रहे अभियान 'मेरी छत-मेरा पानी' वरदान बन रहा है। सभी ब्लॉक क्षेत्र में जल स्तर ऊपर उठने की बात सामने आई है। जिले में अति जल दोहन का सिलसिला वर्ष 2002 से शुरू हुआ था। भूगर्भ जल विभाग के आंकड़े बताते हैं कि प्रति वर्ष 50 से 60 सेमी जलस्तर गिरता था। इससे यहां की 335 में 165 ग्राम पंचायतों में पानी संकट के साथ सूखे को लेकर हाहाकार की स्थिति रहती है। एक जुलाई से शुरू हुए अभियान में तीन माह के अंतराल में आठ से दस सेमी के बीच हर ब्लॉक में जल स्तर बढ़ने से सुखद परिणाम दस्तक दे रहे हैं। ऐसे हो रहा जल संरक्षण

-सरकारी व अर्ध सरकारी भवनों पर रूफ टॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिग सिस्टम लगे।

-अब तक खराब पड़े बोरवेल और कुओं को पुनर्जीवित कर जमीन में पानी पहुंचाना।

-हैंडपंपों के सामने गड्ढों के माध्यम से जल संरक्षण, गांव-गांव लोगों को सीख।

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ब्लॉक वार आंकड़ों पर नजर ब्लाक रूफ सिस्टम जल स्तर पहले (मीटर में) वृद्धि (सेमी में)

कर्वी 198 34-36 09-12

पहाड़ी 63 22-25 08-10

मानिकपुर 39 20-23 07-08

मऊ 40 22-24 06-07

रामनगर 62 18-20 08-09

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आंकड़ों पर एक नजर

रूफ टाप रेन वाटर हार्वेस्टिग वाली छतों का क्षेत्रफल : 71,393.12 वर्ग मीटर।

जल संचयन की क्षमता : 4.6 करोड़ लीटर प्रति वर्ष।

री-चार्ज का माध्यम : बोरवेल और कुएं।

निर्माण में लागत : पांच करोड़ 34 लाख 99 हजार। इनका कहना है

प्रधानमंत्री ने 22 जून को देश में जल शक्ति अभियान की शुरुआत की थी। 'मेरी छत-मेरा पानी' के तहत 400 भवनों में इंतजाम किए जा चुके हैं। जिले के ब्लॉक इससे निकट भविष्य में डॉर्क जोन से बाहर आएंगे।

-शेषमणि पांडेय, जिलाधिकारी चित्रकूट।

Posted By: Jagran

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