चित्रकूट (जेएनएन)। पांच दशक से डकैतों के आंतक के साए में पनप रहे पाठा के जंगलों में अब पुलिस की दस्तक होगी। उनकी मौजूदगी का एहसास हर समय होने से जंगलों से डकैत निश्चित रूप से पलायन कर जाएंगे। दैनिक जागरण ने पाठा की बदहाली को अभियान बनाते हुए इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद डकैतों की बादशाहत खत्म करने के लिए सरकार ने यहां पुलिस प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना पर मुहर लगा दी है। 300 करोड़ रुपये से इस केंद्र के लिए प्रस्ताव बना है और एसपी ने डीएम से इसके लिए मानिकपुर व मारकुंडी थानों के बीच 200 एकड़ जमीन मांगी है। साथ ही शासन को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। एक माह में जगह मिलने की भी संभावना है। दस्यु प्रभावित इलाकों में नए थाने और पुलिस चौकियां भी स्थापित होंगी।

 

ट्रेनिंग सेंटर से यह फायदे

  • 24 घंटे एक बड़े हिस्से में पुलिसकर्मियों की दस्तक
  • इलाकाई लोग खुद को सुरक्षित महसूस करने लगेंगे
  • पीएसी की दो या तीन बटालियन भी स्थापित होंगी
  • एमपी के सीमावर्ती इलाकों तक बनेगी आसान पहुंच  
  • मानिकपुर और मारकुंडी क्षेत्र की होगी पूरी सुरक्षा

मानिकपुर नया सीओ सर्किल, भरतकूप-सीतापुर थाने 

दस्यु प्रभावित क्षेत्र मानिकपुर को नया सीओ सर्किल बनाने पर सहमति बनी है। इसमें मानिकपुर, मारकुंडी व बहिलपुरवा थाने जुड़ेंगे। भरतकूप व सीतापुर पुलिस चौकी थाना बनेंगी। इसकी हरी झंडी मिल गई है।  मानिकपुर में कल्याणपुर जंगल, मारकुंडी में मनगवां, बरगढ़ में कस्बा क्षेत्र, मऊ में पूरब पताई व खंडेहा, राजापुर में सरधुआ, पहाड़ी में कौहारी, कर्वी में कालूपुर में नई पुलिस चौकी स्थापित होंगी।

दस्यु मुक्त होगा इलाका

डीएम विशाख जी ने बताया कि पाठा इलाके को दस्यु मुक्त कराने की मुहिम में जो बन पड़ेगा करेंगे। भविष्य में और सुरक्षा इंतजाम भी होंगे। वहीं, एसपी चित्रकूट मनोज कुमार झा ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण केंद्र स्थापना, सीओ सर्किल, नए थानों व चौकियों का खाका तैयार है। जल्द डकैतों की कमर तोड़ी जाएगी।

Posted By: Nawal Mishra