छोटे भाई की मौत के सदमे में बड़े ने दी जान, चित्रकूट में 36 घंटे में दो भाइयों की मौत से सदमे में परिवार
चित्रकूट के भदेदू गांव में 36 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की मौत से सनसनी फैल गई है। छोटे भाई की छत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि बड़े भाई का शव पेड़ से लटका मिला। गांव में अवैध संबंध को लेकर विवाद की चर्चा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छोटे भाई की मौत का कारण चोट लगना बताया गया है।

जागरण संवाददाता, चित्रकूट। सरधुवा थाना के भदेदू गांव में 36 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। गुरुवार शाम छोटे भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिर कर मौत हो गई थी जबकि घटना के बाद लापता बड़े भाई का शव शनिवार की सुबह अपने डेरा पर कटहल के पेड़ से लटका मिला।
उसने अपने लोअर व गमछा का फंदा बनाकर आत्महत्या की थी। गांव में चर्चा है कि एक महिला से अवैध संबंध में दोनों भाई के बीच विवाद हुआ था। जिसमें मारपीट के दौरान छत से छोटा भाई गिरा था। हालांकि पुलिस स्पष्ट रूप से अवैध संबंध और मारपीट के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नही है।
भदेदू निवासी 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह का शव शनिवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे यमुना नदी के तट पर स्थित डेरा में पेड से लटका लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। सीओ राजापुर राजकमल व थाना प्रभारी राम सिंह फोरेंसिक टीम के साथ पहुंच कर शव को फंदे से उतारा। सीओ राजकमल ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
गुरुवार की शाम छह बजे धीरेंद्र के छोटे भाई राकेश सिंह की छत से गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में धीरेंद्र के बेटे विदित सिंह ने तहरीर दिया था। बताते हैं कि राकेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने के मौत की बात सामने आई थी। घटना के बाद से धीरेंद्र गायब था।
क्योंकि गांव में चर्चा है कि राकेश के एक महिला से अवैध संबंध थे। जिस पर दोनों भाइयों के बीच शराब के नशे में विवाद हुआ था। घटना के समय छत पर सिर्फ धीरेंद्र और राकेश ही मौजूद थे। धीरेंद्र की पत्नी उस समय बच्चों के साथ गांव में ही एक परिवार के घर रामायण पाठ में गई हुई थी।
लोगों में चर्चा यहां तक है कि धीरेंद्र ने विवाद के दौरान राकेश के सिर डंडे से वार दिया था। वह भाई के अंतिम संस्कार में भी नहीं शामिल हुआ था। जबकि डेरा के पास ही यमुना नदी के तट में शुक्रवार की शाम को अंतिम संस्कार पंचों ने किया था। स्वजन व पुलिस को था कि धीरेंद्र की तलाश शनिवार की सुबह किया जाएगा लेकिन उसके पहले उसने आत्मघाती कदम उठा लिया था।

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